एनआईटी राउरकेला हब संस्थान के रूप में चयनित
प्रेस विज्ञप्ति: एनआईटी राउरकेला,
प्रतिष्ठित एएनआरएफ(ANRF-PAIR) कार्यक्रम के तहत हब संस्थान के रूप में चयनित एकमात्र एनआईटी
एनआईटी राउरकेला, इस प्रतिष्ठित पहल के तहत पूर्वी भारत से चयनित एकमात्र हब संस्थान है।
यह पहल भारत में सहभागी अनुसंधान को गति देने के लिए उभरते संस्थानों को संरचित साझेदारियों के माध्यम से मेंटरशिप और सहयोग प्रदान करने का उद्देश्य रखती है।

राउरकेला, 17 अप्रैल 2025: नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी राउरकेला (एनआईटी राउरकेला) को अनुसंधान को गति देने हेतु प्रारंभ किए गए प्रतिष्ठित Partnerships for Accelerated Innovation and Research (PAIR) कार्यक्रम के अंतर्गत हब संस्थान के रूप में चयनित किया गया है। यह देश भर में चयनित एकमात्र एनआईटी है और पूर्वी भारत से चयनित एकमात्र हब संस्थान भी। Anusandhan National Research Foundation (ANRF) द्वारा शुरू किया गया यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सोच पर आधारित है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में एक सहयोगात्मक, समावेशी और प्रभावी अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है।
‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल के माध्यम से इस पहल में साझे अनुसंधान संसाधनों, सम्मेलनों, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण, संकाय विकास और विशेषज्ञता तक पहुंच को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रत्येक चयनित PAIR नेटवर्क को पांच वर्षों में अधिकतम ₹100 करोड़ तक की निधि प्राप्त हो सकती है, जिसमें हब और स्पोक संस्थानों के बीच 30:70 के अनुपात में राशि का वितरण होगा। देशभर से प्राप्त 30 प्रस्तावों में से केवल सात का चयन प्रथम चरण में किया गया है। इनमें तीन आईआईटी, एक एनआईटी (एनआईटी राउरकेला), एक आईआईएससी और दो केंद्रीय विश्वविद्यालय शामिल हैं। प्रत्येक नेटवर्क में एक हब संस्थान और सात स्पोक संस्थान होते हैं, जो राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर बहुविषयक अनुसंधान में सहयोग करेंगे।

एनआईटी राउरकेला (हब संस्थान) द्वारा मार्गदर्शित सात स्पोक संस्थान इस प्रकार हैं:
* वीर सुरेन्द्र साय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (VSSUT), बुरला
* सम्बलपुर विश्वविद्यालय, बुरला
* ओडिशा प्रौद्योगिकी एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (OUTR), भुवनेश्वर
* फकीर मोहन विश्वविद्यालय, बालासोर
* अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), भुवनेश्वर
* ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (OUAT), भुवनेश्वर
* गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना, पंजाब
एनआईटी राउरकेला के निदेशक प्रोफेसर के. उमामहेश्वर राव ने कहा,
“एनआईटी राउरकेला को हब संस्थान के रूप में चयनित किया जाना हमारे समर्पण, अनुसंधान में उत्कृष्टता और सहयोगात्मक दृष्टिकोण का प्रतीक है। यह अनुदान हमारे अनुसंधान नेटवर्क को सशक्त बनाने और उभरते संस्थानों का मार्गदर्शन करने की हमारी क्षमता को और मजबूत करेगा। इस पहल के माध्यम से हम अपने साझेदार संस्थानों को सशक्त बनाना चाहते हैं और एक समावेशी, नवाचार-प्रधान राष्ट्रीय अनुसंधान तंत्र की दिशा में योगदान देना चाहते हैं। मैं हमारी परियोजना टीम को इस उत्कृष्ट प्रस्ताव के लिए बधाई देता हूं, जो राष्ट्रीय अनुसंधान लक्ष्यों से पूरी तरह मेल खाता है। साथ ही, मैं एएनआरएफ और एपीक्स समीक्षा समिति को हमारे प्रयासों को मान्यता देने के लिए धन्यवाद देता हूं।”
*एनआईटी राउरकेला के नेतृत्व में अनुसंधान इन चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा:*
* ऊर्जा प्रौद्योगिकियाँ
* पर्यावरणीय सततता
* स्वास्थ्य एवं चिकित्सा प्रौद्योगिकियाँ
* सतत कृषि
बेंगलुरु में आयोजित एपीक्स समीक्षा समिति के समक्ष प्रस्तुति (प्रेजेंनटेशन) और एक विस्तृत मूल्यांकन प्रक्रिया के पश्चात, एनआईटी राउरकेला इस प्रतिष्ठित पहल के अंतर्गत हब संस्थान के रूप में चयनित होने वाला एकमात्र राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान बनकर उभरा। इस प्रस्तुति का नेतृत्व एनआईटी राउरकेला के निदेशक प्रो. के. उमामहेश्वर राव ने किया, जिनके साथ वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. एस. के. प्रतिहार, प्रो. एच. बी. साहू, प्रो. एस. के. बेहरा और अन्य उपस्थित थे।
परियोजना के कार्यान्वयन की निगरानी हेतु निदेशक, परियोजना निदेशक, विषय प्रमुख (एनआईटी राउरकेला) और स्पोक संस्थानों के प्रमुख अन्वेषक शामिल एक संचालन समिति गठित की गई है। इस सहयोग की शुरुआत के तहत, एनआईटी राउरकेला ने पहले से ही संबंधित विषयों पर आधारित तकनीकों और उपकरणों का विकास कर लिया है, जिन्हें वह अपने साझेदार संस्थानों के साथ साझा करेगा।
*एनआईटी राउरकेला में PAIR पहल की प्रमुख विशेषताएं:*
• स्पोक विश्वविद्यालयों/संस्थानों में अनुसंधान उत्कृष्टता को बढ़ावा देना, शीर्ष स्तर के संस्थानों के साथ सहयोग के माध्यम से।
• कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और पर्यावरण विज्ञान जैसे क्षेत्रों में उभरते रुझानों के साथ तालमेल बनाए रखने हेतु, स्पोक संस्थानों के संकाय और शोधकर्ताओं को उन्नत अनुसंधान विधियों, अत्याधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों और नवीनतम तकनीकी उपकरणों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना।
• सतत कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दक्ष और ज्ञानसम्पन्न मानव संसाधनों का विकास।
• सहयोगी संस्थानों के संकाय सदस्य आपस में संवाद और समन्वय के माध्यम से बहुविषयक अनुसंधान में भाग लेंगे।
• यह नेटवर्क समस्या समाधान, नवाचार और सामूहिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करेगा, जिससे भविष्य में और अनुसंधान विषयों, साझेदारी और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से अनुदान प्राप्ति के अवसर बनेंगे।
• नई तकनीकों, वैज्ञानिक शोध निष्कर्षों, शोध पत्रों और बौद्धिक संपत्तियों का सृजन।
• प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्यमिता को बढ़ावा, जिससे वैज्ञानिक नवाचार की संस्कृति विकसित होगी।





