एक से दूसरे सिलेंडर में गैस भरते समय हुआ हादसा
रसोई गैस की मांग को देखते हुए रसोई गैस की कालाबाजारी किसी से छुपी नही है।
आज बंडामुंडा़ थाना क्षेत्र अंतर्गत आनेवाले तिलकानगर में संतोष सिंह नामक व्यक्ति अपने दुकान में रसोई गैस की एक सिलेंडर से दूसरे सिलेंडर में उलटफेर कर रहा था, बडे़ सिलेंडर से छोटे सिंलेंडर में गैस भरते समय अचानक तेजी से गैस का रिसाव होने लगा।संतोष सिह भी इसकी चपेट में आ गया पर गनीमत थी कि बडी दुर्घटना होते होते बची। यदी गैस की टंकी फट जाती तो इस घनी आबादी वाली बस्ती में जान माल का नुकसान हो सकता था।
स्थानीय लोगो से के बीच चर्चा करते सुना गया कि संतोष सिंह से लिए जाने वाले गैस के सिलेंडर का वजन अक्सर कम पाया जाता है।
संतोष सिंह अपने दुकान में गैस सिलेंडर रखकर ग्राहकों को अवश्यकता अनुसार आपूर्ति करता है।
यहाँ प्रश्न उठता है कि इस घनी आबादी के बीच इस तरह इतने परिमाण में गैस की टंकीयो को बीना किसी सुरक्षा उपायो के रखना और एक सिलेंडर से दूसरे सिलेंडर में गैस भरना कितना सही है।
इस पूरे घटना की मौके पर उपस्थित एक व्यक्ति ने विडियो बना ली।
विडियो
गैस डीलरो से जानकारी लेने पर यह बात सामने आई की ग्राहकों की सुविधा के लिए गाँव कस्बो में कुछ टंकियाँ स्थानीय दुकानदारो को दी जाती है ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते ग्राहक को रसोई गैस उपलब्ध हो सके।
पर इसकी कुछ शर्ते होती है,
जैसे : रसोई गैस टंकी का स्थानीय वितरक ग्राहक सेवा केन्द्र या गैस संबंधित उपकरण बेचने वाले / मरम्मत करने वाले को दी जाती है।
इनके पास एक ही एजेंसी के गैस सिलेंडर होते है।
केवल सात सिलेंडर ही रख सकते है।
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अग्निशामक यंत्र होने चाहिए।
ग्राहक को साबूत सिलेंडर ही देने होते है। एक टंकी से दूसरे टंकी में खुदरा गैस भरने की मनाही होती है। ऐसा करना गैरकानूनी है। और इस कार्य में खतरा भी है।
ऐसा इसलिए की अगर एक सिलेंडर से दूसरे सिलेंडर में गैस भरते समय गैस का परिमाण अधिक हो गया तो सिलेंडर फट जाएगी जिससे बडा़ हादसा हो सकता है।
एक से दूसरे सिलेंडर में गैस भरते समय अगर गैस का रिसाव बाहर हो गया तो आग लगने का खतरा है।





