आदिवासी संघ का नुआखाई भेटघाट
सुशांत मलिक (संवाददाता)
शिक्षा के बिना जैसे विकास संभव नहीं है, वैसे ही संस्कार के बिना मनुष्य आगे नहीं बढ़ सकता। इसलिए शिक्षा के साथ साथ संस्कार को महत्व देते हुए हमें आगे बढ़ने की आवश्यकता है। स्थानीय ब्लॉक सदर साधारण परेड मैदान में आदिवासी संघ के तत्वावधान में आयोजित 'नुआखाई भेटघाट' उत्सव में शामिल हुए अतिथियों ने यह विचार व्यक्त किए।
आदिवासी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष सुरेन्द्र भोई की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे:
भवानीपटना स्थित माँ माणिकेश्वरी विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डोलामणि धरुवा ने मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होकर समाज के समग्र विकास पर अपना बहुमूल्य वक्तव्य रखा।
इस अवसर पर कलाहांडी जिला आदिवासी संघ के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र माझि, कलाहांडी जिला आदिसकंद समाज के अध्यक्ष राजेंद्र भोई, कलाहांडी जिला गोंड समाज के अध्यक्ष पद्मन पात्र, मदनपुर रामपुर कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राध्यापक बुधेंद्र प्रताप सिंहदेव, करलामुंडा ब्लॉक आदिसकंद समाज के अध्यक्ष गोविंद भोई, करलामुंडा ब्लॉक आदिवासी संघ के सचिव गोविंद भोई, करलामुंडा ब्लॉक गोंड समाज के अध्यक्ष इंद्रमणि कँवर, भवानीपटना सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के सहायक प्रोफेसर अशोक कुमार भोई और जुनागढ़ ब्लॉक के अध्यक्ष श्रीवत्स भोई प्रमुख रूप से उपस्थित थे। समारोह की शुरुआत से पहले करलामुंडा बस्ती स्थित धरणी पीठ में विशेष पूजा अर्चना की गई, जिसके बाद एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई जो सभा स्थल पर पहुँची।इस भव्य कार्यक्रम का संचालन विशिष्ट कवि ललित मोहन भोई ने किया, जबकि आदिवासी युवा नेता नंदी किशोर भोई ने धन्यवाद ज्ञापित किया। सुशांत मलिक की रिपोर्ट सारांश दैनिक।





