अस्पतालों के कू प्रबंधन ने संदिग्ध परिस्थिति में मिली छात्रा की ले ली जान
संदिग्ध हालत में मिली नवी कक्षा की छात्रा की समय पर इलाज ना मिलने से मौत-परिजनों ने लगाया कई अस्पताल प्रबंधन और पुलिस पर सेवा में लापरवाही बरतने का आरोप।
बीते कल गुरूवार के दिन ग्राम जम्बेरना,ग्रामपंचायत तेतेरकेला, ब्लाक नुआगांव, जिला सुंदरगढ (ओडिशा), की रहने वाली एक छात्रा जो ग्राम बंबुआ, ग्रामपंचायत ठेठेईपोष, ब्लाक बिसरा, जिला सुंदरगढं (ओडिशा) के एक सरकारी विद्यालय में कक्षा नौ में पढती थी। रोजाना की तरह समय पर अपनी साइकिल से विद्यालय की ओर निकली पर समय पर घर नहीं पहुंची। जिसके बाद घर वालो को चिंता होने लगी और वे अपने स्तर से खोजबीन करने लगे। समय बीतने के साथ साथ पूरा गांव उसकी खोज में जुट गया तब पता चला की उस दिन वह स्कूल पहुँची ही नहीं ।इस दिन नुआगांव में नुआगांव महोत्सव का आयोजन किया गया था।वहाँ भी मंच से कई बार पुकार लगाई गई की छात्रा महोत्सव की भीड़ में हो तो सामने आ जाए पर वहां भी नहीं मिलने से पूरे गांव वालों को इसकी चिंता होने लगी। गाँव के लोग कार व ट्रेक्टर में सवार होकर उसकी तेज रोशनी में स्कूल जाने वाले मार्ग पर जो तकरीबन 10 किलोमीटर तक का फासला है और जंगलों से आच्छादित है, छात्रा की खोज करने लगे। इस दौरान घर और स्कूल के बीच पड़ने वाले खैर टोली में छात्रा का साइकिल देखा गया पूछताछ में पता चला की सड़क में एक निर्जन स्थान पर घंटो से खडी देख कोई साइकिल को गाँव में कोई ले आया था जिसके बाद साइकिल खड़ी स्थान पर सभी गए यह स्थान घने जंगल से घिरा हुआ था। सभी लोग उस स्थान के चारो ओर खोजबीन शुरू कर दी। सड़क से कुछ दूरी पर घने झाड़ियों के पीछे एक कुसुम के पेड़ के नीचे छात्रा अपने ओढ़े हुए साल के बिछौने पर ऐसे मुंह पडी हुई थी। लोगों को सामने पाकर पलकें खोली पर कुछ कह ना पाई। सामने उल्टी की हुई थी जो बदबू मार रहा था और पास ही सलीके से खोली गई एक कीटनाशक दवा का डिब्बा पड़ा था। लोगों ने फौरन इसकी सूचना स्थानीय बिसरा थाना में दी और तत्परता से छात्रा को उठाकर नजदीकी बिसरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहाँ से उसे राउरकेला सरकारी अस्पताल रेफर किया गया पर वहाँ भी आपातकालीन सेवा न देने पाने की बात कही गई और फिर हाइटेक मेडिकल कालेज एवं अस्पताल ले गए पर वहां से भी अपोलो अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया और अपोलो अस्पताल यह कहकर कि आइसीयु में जगह नहीं हैं आइजीएच के लिए रेसर कर दिया गया जहाँ भी एक जैसा ही जबाब सुनने को मिला की आइसीयू में जगह नही है। जिसके बाद परिजन उस अधमरी सी छात्रा को पुनः राउरकेला सरकारी अस्पताल ले गए तब तक रात्रि का दूसरा पहर बीत चुका था। जहाँ डाक्टरो ने उसे मृत घोषित कर दिया। आज पोस्टमार्टम के बाद छात्रा का शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनो ने शंदेह जताया है कि छात्रा को अगवा कर उसके साथ बलात्कार जैसी अमानवीयतापूर्ण व्यवहार की गई होगी और बात को दबाने के लिए उसकी हत्या की गई होगी। फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं की जाँच कर रही है। सच जानने के लिए गाँव वालों की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस रिपोर्ट पर लगी हुई है।





