88 गांव के ग्रामीणों ने की भूमि बैंक रद्द करने की मांग
भूमि बैंक को रद्द करने की मांग को लेकर आनंदपुर प्रखंड़ अंतर्गत आनेवाले 88 गांवों के ग्रामीणों ने प्रखंड परिसर में धरना प्रदर्शन किया।

आनंदपुर:- भूमि बचाओ संघर्ष मोर्चा आनंदपुर के तत्वाधान में शनिवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी आनंदपुर कार्यालय के समक्ष असवैधानिक रुप से झारखंड में बनाए गए भुमि बैंक को रद्द करने के संबंध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। इसके उपरांत संधर्ष मोर्चा के संरक्षक सुशील बारला के नेतृत्व में खंड़ विकास अधिकारी आनंदपुर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौपा गया।
मांगों में समाजिक और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपायोग में लाए जाने वाले जमीनों को असंवैधानिक तरीके से "भूमि बैंक' बनाकर डाला गया है। यह क्षेत्र संविधान के पाँचवीं अनुसूतिच क्षेत्र में आता है। केन्द्रीय पेसा कानून 1996 के तहत गठित ग्राम सभाओं से भी सहमति नहीं ली गई है । क्षेत्र में जनजातियों के लिए बनाए जाने वाले नीतियों को लागू करने से पूर्व जनतातीय सलाहाकार परिषद से परामर्श आवश्यक है लेकिन 'भूमि बैंक' लागू करने से पूर्व जनजातीय सलाहाकार परिषद से परामर्श नहीं गई है। । समाज की समुदायिक समाजिक और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयोग होने वाली जमीनों को 'भूमि बैंक में डाले जाने से जनजातीय क्षेत्रों में कई समाजिक समस्याएँ उत्पन होगी। 2024 विधानसभा चुनावी घोषणा पत्र में सत्तासीन सरकार ने वादा किया है कि सतासीन होते ही "भूमि बैंक को रद्द करेंगे। वही आनंदपुर प्रखंड के 88 गांवों के ग्रामीणों इस एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में शामिल हुए। इसके उपरांत श्री बारला ने कहा कि गाँव कि सामुदायिक व धार्मिक जमीन है उस जमीनों को गलत तरीके से भूमि बैंक में डाला गया है ।

यह हमलोग 88 गाँव के ग्राम सभा के सदस्य वर्तमान के झारखंड सरकार व पूर्व झारखंड सरकार से असैवधानिक भूमि बैंक को रद्द करने का मांग करते हैं। वही श्री बारला ने बताया कि यह आन्दोलन अब रुकने वाला नहीं है । अब हमलोग सभी ग्रामीण इस आन्दोलन को और बड़ा करेगे। मौके पर जिला परिषद् सदस्य विजय भेंगरा ,मुखिया अनिल नायक , सुशिला टोप्पो, सुशिल डांग, संयोजक दयाल जोजो, सह संयोजक समीर तोपनो, जोगेश्वर सिंह, इमालुयल जोजो समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।





