23 सुत्रीय मांगों को लेकर सीपीआईएम का विरोध प्रदर्शन
सीपीआईएम ने खाने-पीने की चीज़ों, पेट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस की कीमतों पर कंट्रोल, मनरेगा, के तहत 200 दिन काम, लेबर कोड रद्द करने, किसानों को एम एस पी देने , आदी मांगों को लेकर सीपीआईएम ने विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन दिया।
आज सीपीआईएम की ओडिशा स्टेट कमेटी के बुलावे पर, पार्टी की राउरकेला क्षेत्रीय कमेटी ने लोगों की रोज़ी-रोटी और जीने के अधिकार की रक्षा के लिए पूरे जुलाई महीने में घर-घर जाकर कैंपेन चलाया। आज, कैंपेन के आखिरी दिन, पार्टी ने पानपोष उप जिला कलेक्टर के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया और माननीय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को 23 सुत्रीय मांगों वाला एक ज्ञापन दिया। पार्टी के राउरकेला क्षेत्रीय कमेटी के सचिव राज किशोर प्रधान की अध्यक्षता में हुए इस विरोध प्रदर्शन में पार्टी के जिला सचिव, कमेटी सदस्य श्रीमंत बेहरा, सुरेंद्र दाश, जिला कमेटी सदस्य बीपी महापात्रा, क्षेत्रीय सचिव, कमेटी सदस्य अजय शर्मा, भागीरथी टुडू, विश्वजीत माझी, चंद्रभानु दास, लक्ष्मीधर नायक, क्षेत्रीय कमेटी सदस्य एन एन पानीग्रही, अरुण महाराणा, पर्वतव मोहंती, अजीत एक्का ने मुख्य भाषण दिए। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि ओडिशा में जब से डबल इंजन की सरकार आई है, आम लोगों की ज़िंदगी और भी दर्दनाक हो गई है। चुनाव के दौरान किए गए वादे धोखे में बदल गए हैं, बढ़ती कीमतें, बेरोजगारी, खेती का संकट, मजदूरों का शोषण, महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, आदिवासियों और दलितों पर अत्याचार, खराब कानून व्यवस्था, शिक्षा में अराजकता, चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था , बढ़ती बिजली की कमी, सोशल सिक्योरिटी स्कीम में कटौती और कॉर्पोरेट हितों के लिए ज़मीन, जंगल और खनिज संसाधनों की लूट ने आम लोगों की ज़िंदगी को दयनीय बना दिया है। बोलने वालों ने इसके खिलाफ हर तबके के लोगों से एक होने की अपील की। मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि ओडिशा में पहली बार स्कूली छात्रों के लिए सरकार द्वारा दी गई किताबों में छपाई में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है, जिसके लिए राज्य के शिक्षा मंत्री नित्यानंद को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके साथ ही सरकार से आवश्यक खाद्य वस्तुओं के बेतहाशा बाजार मूल्य को नियंत्रित करने, पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण करने, किसानों को न्यूनतम एमएसपी देने व किसान आत्महत्या रोकने के लिए कृषि ऋण माफ करने, मनरेगा में 200 दिन काम व 700 रुपये दैनिक मजदूरी देने, मजदूर विरोधी 4 श्रम संहिताओं को रद्द करने, न्यूनतम मजदूरी व समान काम के लिए समान वेतन देने, राउरकेला सरकारी अस्पताल का विस्तार कर अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्स व अधिक बेड उपलब्ध कराने व अधिक टिकट काउंटर खोलने, ईएसआईसी मॉडल अस्पताल में अधिक डॉक्टर, नर्स व पैरामेडिकल कर्मचारियों की नियुक्ति करने एएसपी के विस्तार में स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने। टाटा पावर के स्मार्ट मीटर को तत्काल वापस लेने व बिजली संशोधन बिल को वापस लेने आदि मांगों के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की गयी है। राउतरय, बच्चीराम बेहरा, विश्वनाथ लेंका, प्रमोद परिदा, निरंजन सिंह, अशोक दास, आदित्य नायक, लक्ष्मी मोहंती, कुंदन बेहरा, जन्मेजय घोष, राजीव बसंत रॉय ने इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।





