20 सितंबर से 4 अक्टूबर तक रामलीला का भव्य आयोजन

20 सितंबर से 4 अक्टूबर तक रामलीला का भव्य आयोजन

रामनगरी अयोध्या एक बार फिर मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की लीलाओं का साक्षी बनने जा रही है। संत श्री तुलसीदास रामलीला समिति ने श्री बड़ा भक्तमाल आश्रम में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस वर्ष की ऐतिहासिक रामलीला की घोषणा की। समिति के अनुसार यह आयोजन 20 सितंबर से 4 अक्टूबर 2025 तक स्वामी भगवदाचार्य स्मारक सदन में भव्य रूप से संपन्न होगा।

यह जानकारी एक पत्रकार सम्मेलन में समिति के अध्यक्ष स्वामी भगवदाचार्य, उपाध्यक्ष स्वामी अवधेश कुमार दास और महामंत्री स्वामी संजय दास महाराज ने संयुक्त रूप से संबोधित किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की रामलीला में देश के चुनिंदा कलाकार भाग लेंगे, जिससे दर्शकों को एक अद्वितीय, अविस्मरणीय और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा।

रामलीला के प्रमुख मंचन की तिथियाँ

20 सितंबर – नारद मोह एवं रावण जन्म

21 सितंबर – राम जन्म व मुनि आगमन

22 सितंबर – पुष्पवाटिका (फुलवारी लीला)

23 सितंबर – धनुष यज्ञ एवं परशुराम-लक्ष्मण संवाद

24 सितंबर – सीताराम विवाहोत्सव

25 सितंबर – कैकेई कोपभवन

26 सितंबर – निषाद मिलन

27 सितंबर – जयंत-नाककट्टैया

28 सितंबर – बालि वध एवं लंका दहन

29 सितंबर – विभीषण शरणागति

30 सितंबर – अंगद-रावण संवाद

1 अक्टूबर – कुंभकरण वध

2 अक्टूबर – अहिरावण वध

3 अक्टूबर – भरत मिलाप (शोभा यात्रा)

4 अक्टूबर – श्रीराम राज्याभिषेक एवं वानरों की विदाई (समापन)

प्रेस वार्ता में महंत हेमंत दास, महंत अवधेश दास, महंत संजय दास, जनमेजय सरण दास महाराज, महंत राघवाचार्य महाराज और महंत धनुषधारी शुक्ला सहित कई प्रमुख संत उपस्थित रहे।
समिति के पदाधिकारियों ने सभी मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि इस सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्व को जन-जन तक पहुँचाया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग प्रभु श्रीराम की लीलाओं का सजीव मंचन देख सकें और अपने जीवन में आदर्शों को आत्मसात कर सकें।