शराब दुकान को बंद करने की मांग तेज हो गई
लखन लोहार (संवाददाता)
बिसरा प्रखंड़ अंतर्गत आनेवाले बंडामुंडा़ पंचायत क्षेत्र में खोले गए शराब दुकान को वहाँ से हटाने की मांग तेज हो गई है। शराब दुकान को बंद करने की मांग में उस समय और मजबूत हो गई जब जनता के साथ स्थानीय सरपंच व अन्य पंचायत सदस्य भी दुकान के सामने आकर उसे बंद करने की मांग करने लगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शराबी शराब दुकान के सामने ही बैठकर शराब पीते है, जिससे उस रास्ते से होकर लोगों को आनेजाने में कठिनाई होती है, ऐसी सूरत में महिलाओं और युवतियो को उस रास्ते से होकर गुजरने में अधिक संकोच होता है ।कई बार शराबी इन लोगों से अभद्र व्यवहार भी कर बैठते है।
स्थानीय शराबीयो से घर की महिलाएं त्रस्त है। शराबी घर की माली हालत पर ध्यान न देकर शराब मे ही पैसे खर्च करने की वजह से घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ने के साथ घरेलु कलह भी बढो़तरी हो रही है जिससे स्थानीय महिलाएं तनाव में रहती है।
एक यह भी बहुत बड़ी वजह है शराब दुकान के बिरोध का। इसके अलावे शराब दुकान के सामने खेत है जहां शराबी शरब पीने के बाद कांच की फूटी शीशीयों को फेक देते है,यह फूटी शीशीयाँ कई बार खेत में काम करने के दौरान किसानो को घायल कर देती है।
इन खेतों में फेके गए चिप्स, डिस्पोजल ग्लास, चखना लाए गए प्लास्टिक की थैली आदि चीजों से खेतीहर भूमि को काफी नुकसान होता है। वैज्ञानिक भी इस बात को मानते हैं कि प्लास्टिक के प्रभाव से खेतीहर भूमी बंजर हो सकती है।
इससे पहले भी बंडामुंडा़ सी सेक्टर के मुख्य चौराहे पर स्थित शराब दुकान किसी वजह से हमेशा के लिए बंद कर दी गई।और अब नये शराब दुकान का विरोध तिव्र होने लगा। ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या बंडामुंडा़ में टिक पाएगी शराब दुकान।





