लाॅक डाउन ने छीन ली बिजली, भोजन, भत्ता
लखन लोहार (संवाददाता)
लाॅक डाउन ने लूट ली बिजली,भोजन दाने दाने को मोहताज हुई दादी अम्मा, अंधेरे में कर रही गुजारा, कोई नही सहारा,।सरकारी भत्ते कल की बात हो गई।
हम बात कर रहे है बंडामुंडा़ "डी"केबिन निवासी "नागी सूरीन"की ।अविवाहित और बिलकुल अकेली नागी सूरीन
बृद्धा अवस्था और कंपकपाती शरीर लिए जैसे जिन्दगी का बोझ ढो रही है।
लाॅक डाउन से पहले पडोसी राज्य झारखण्ड स्थित पैतृक आवाश गई थी, लाॅक डाउन की वजह से सवारी के अभाव में वह वापस बंडामुंडा़ लौट नही पाई जिसकी वजह से उसके घर की बिजली काट दी गई, रासन कार्ड से भी नाम काट दिया गया, बृद्धा पेंशन बंद कर दी गई।
बंडामुंडा़ क्षेत्र में तमाम क्लब, संस्थाएं, राजनीति से जुड़े लोग, राजनैतिक पार्टियाँ, गरीबो का मसीहा होने का दावा करते है पर इस घटना को देखकर तो ऐसा लगता है कि ये सभी उन गरीब का ख्याल रखते है जो इन्हे वक्त आने पर दान (डोनेशन) दे सके वोट के रूप में, भीड़ के रूप में।
अगर ऐसा नही है तो हकिकत में गरीबी का दंश झेल रही अपनी टूटीफूटी झोपड़ी में इस कडा़के की ठंड का सामना करते हुए अंधेरे में किसी कोने में सिमट कर गुजारा करने के लिए मजबूर ना होती नागी सूरीन।
पत्थर दिल कोटेदार राशन देने से मना ना करता, बिजली वाले बिजली का तार निकालकर न ले जाते,बृद्धा भत्ता की वाकई हकदार इस बेबस महिला का भत्ता बंद न होता।





