रेलवे स्टेशन पर बिना सुरक्षा उपकरण के काम कर रहे है बिजली कर्मचारी
अनुराग आचार्य (व्योरो चीफ)
तालचेर: तालचेर रेलवे स्टेशन पर हो रहे बिद्युत काम को लेकर अब कर्मचारियों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। स्टेशन परिसर और उसके आस-पास अलग-अलग ठेकेदारो के काम में लगे ठेका कर्मचारी कितनी सुरक्षित तरीके से काम कर रहे हैं, इस पर आम जनता चर्चा हो रही है।खासकर आज तालचेर रेलवे स्टेशन के पास मोटरसाइकिल स्टैंड पर कुछ बिद्युत कर्मचारी पैनल पर काम करते दिखे।
हालांकि, आरोप है कि इस काम के दौरान कर्मचारियों के पास जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं थे।
उनके पैरों में सेफ्टी बूट नहीं थे, हाथों में दास्ताने नहीं थे और सिर पर सुरक्षा हेलमेट नहीं था।
अगर बिद्युत पैनल जैसे संवेदनशील और खतरनाक स्थान पर काम करते समय जरूरी सुरक्षा उपकरण का उपयोग नहीं किया जाता है, तो कभी भी हादसा होने का खतरा रहता है।
ऐसे में सवाल उठता है—कर्मचारियों को बिना सुरक्षा उपकरण के काम करने की इजाजत कौन दे रहा है?
क्या ठेकेदारो ने कर्मचारियों को जरूरी सुरक्षा उपकरण दिए हैं? अगर हां, तो काम के दौरान उनका इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है? इसी तरह, रेलवे इस ठेका कार्य के लिए सुरक्षा ् इंतजाम की जांच कर रहा है या नहीं, यह भी एक बड़ा सवाल है।
अगर काम के दौरान कोई हादसा होता है, तो उसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा?
मज़दूरों की जान से खिलवाड़ किए बिना, सुरक्षा इंतज़ाम तुरंत कड़े किए जाने चाहिए और बिना सुरक्षा इंतजाम के काम करने के आरोपों की जांच होनी चाहिए—ऐसी मांगें की जा रही हैं।
देखना होगा कि रेलवे अधिकारी इस हादसे को कितनी गंभीरता से लेते हैं।





