रूपये ऐठने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज कराने के मामले का पर्दा फास
रेलवे सुरक्षा बल के अतिरिक्त सहायक निरीक्षक ने बिभिन्न समाचार पत्रो मे प्रकाशित खबरों का खण्डन किया।
सुंदरगढ़ जिले के राजगांगपुर रेलवे सुरक्षा बल से निलंबित अतिरिक्त सहायक निरिक्षक गोपीनाथ राउत ने पिछले दिनों कुछ समाचार पत्रो मे प्रकाशित खबर का खण्डन गुरूवार संध्या 8 बजे एक संबाददाता सम्मेलनी मे किया, उन्होंने अपने ब्यक्तब्य मे बताया की सना 2020 में वे राजगांगपुर मे कार्यरत थे, उस समय सागरा स्टेशन मे कार्यरत फटाटाँगर निवासी अजित महानंदिया के शिकायत पर रेलवे सुरक्षा बल ने निलंबित किया गया था। एबं उसके बिरुद्ध राउरकेला जे एम एफ सी कोर्ट मे केस नम्बर 49(23/5/2020) का मुक़दमा बिचाराधीन है, कुछ दिनो पहले अजित महानंदीया के पुत्र देबासिस महानदीया एवं उनके रिश्तेदार पूर्णचंद महानंदीया राजगांगपुर आकर गोपीनाथ राउत को एक मोटर साईकल और आठ लाख रुपये देने की डिमांड कर केस को रफा दफा कर देने की पेशकस कि थी। किन्तु गोपीनाथ राउत ने मामला कोर्ट मे बिचाराधिन है, न्यायालय का जो भी फैसला आएगा उसे मंजूर होगा कहकर पैसा देने से इन्कार किया, पैसा नही मिलने पर निराश होकर देबासिस महानंदीया ने झूठे इल्जाम लगा कर बामडा़ के गोबिंदपुरी थाने मे एक और एफ.आई.आर हत्या करने की धमकी देने का मामला दर्ज किया, गोबिंदपुरी थाने के अधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए उक्त एफ.आई.आर. मे दर्शाई गई मामले को झूठा पाया इसी बाबत उन्होंने देबासिस महानंदीया को थाने बुलाकर फटकार भी लगाई ! देबासिस पैसा पाने के लालच में आकर कुछ समाचार पत्रों मे झूठा बयान एबं पैसा देकर झूठा खबर प्रकाशित कराया, खबर प्रकाशित होने पर गोपीनाथ राउत ने राजगांगपुर थाने मे इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने की अपील की परन्तु राजगांगपुर थानाधिकारी ने मामला लेने से इन्कार कर दिया क्योंकि ये रेलवे का मामला है उसे आप रेलवे पुलिस मे ही दर्ज कराये, अंत मे निराश होकर गोपीनाथ राउत ने राजगांगपुर जे.एम.एफ.सी. जाकर अजित महानदीया देवासिस महानंदीया एवं प्रकाशित समचार पत्र के बिरुद्ध एक मामला दर्ज कराया, उन्होंने अपने वकतब्य मे बताया की उनको पैसे देने के लिए काफी मानसिक यातनाओं का सामना करना पड़ रहा है।





