मैनपाट में अवैध कब्जे को लेकर एक व्यक्ति को नोटिस भेदभाव का लगा आरोप

मैनपाट के रोपाखार में बने सैकड़ो मकान अवैध, अतिक्रमण हटाने सिर्फ एक को नोटिस क्यों? कार्यवाही हो तो सभी के लिए।

मैनपाट। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अवैध कब्जाधारियों को कब्जामुक्त कराने के शासन प्रशासन बेदखली की कार्यवाही करने में लगी हुई है जिससे कई लोग बेघर भी हो जा रहे हैं। लेकिन भाजपा के शासनकाल में प्रशासन को सिर्फ शिकायत के आधार पर सिर्फ बदले की भावना से लोगों के बने घरों को ढहाने में लगी हुई है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि मैनपाट के कमलेश्वरपुर के रोपाखार में सैकड़ो एकड़ शासकीय काबिज भूमि में सैकड़ो लोग घर बना कर मकान दुकान और खेती कर रहे हैं। लेकिन न्यायालय तहसीलदार मैनपाट जिला सरगुजा के पत्र क्रमांक 643 में दिनांक 30/05/2025 को ग्राम रोपाखार निवासी दिनेश गुप्ता के रोपाखार में बने मकान हटाने के लिए सिर्फ एक ही व्यक्ति को नोटिस जारी कर बेदखली की कार्यवाही करने परेशान किया जा रहा है। जिससे दिनेश गुप्ता काफी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

जबकि मैनपाट के रोपाखार में खसरा क्रमांक 688 रकबा क्रमांक 0.770 हेक्टेयर पर सैकड़ो लोग जैसे नागेश्वर केशरी, रजनीश पांडेय, सुरेश अग्रवाल, नंदलाल गुप्ता, हरकेश गुप्ता, नवल यादव, गंगा यादव, भंडारी एक्का, रति राम अग्रवाल, मकसूदन गुप्ता, अवधेश यादव, रीना दुबे, विक्की दुबे, बाबा यादव, मुबारक खान, मुस्तकीम खान, दिलदार खान, अनिल गुप्ता, तुलसी दास, धर्म दास, कमलेश दास, आदम खान, हानिश खान रहमत खान, मुन्ना एक्का, हरि राम, असलम खान नईम खान, एजाज खान, बरकत खान, इंतजार खान, चांद खान और अन्य लोग भी सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से घर बनाकर निवास कर रहे हैं जिनको बेदखली की कार्यवाही की कोई नोटिस नहीं दिया गया है वही दिनेश गुप्ता/ आत्मज बृजमोहन गुप्ता को नोटिस भेजकर 06/06/2025 को बलपूर्वक सिर्फ पांच डिसमिल में बने घर तोड़ने के लिए नोटिस चस्पा किया गया है। जबकि सैकड़ो लोग उसी सरकारी भूमि पर घर बनाए हुए है।

बदले की भावना से सिर्फ एक व्यक्ति पर बेदखली की कार्यवाही क्यों?

मैनपाट के रोपाखार के निवासी दिनेश गुप्ता को नोटिस मिलने के बाद उनका कहना है कि सिर्फ मेरे निर्माण कार्य और शासकीय भूमि से बेदखली हेतु नोटिस दिया गया है और बाकी लोगों को क्यूं नोटिस नहीं दिया गया जबकि सरकारी भूमि में सैकड़ो लोग अवैध रूप से निवास कर रहे हैं सिर्फ मेरे लिए ही कार्यवाही क्यों किया जा रहा है। अगर हमें बेदखली किया जा रहा तो सभी को बेदखली का नोटिस दिया जाए तभी सही न्याय होगा।

सिर्फ एक लोग पर कार्यवाही करना कहा तक सही है कही न कही राजनीतिक दबाव के कारण सिर्फ एक ही व्यक्ति पर बेदखली हेतु नोटिस जारी कर कार्यवाही किया जा रहा है।

राजनीतिक दबाव या प्रशासनिक अनदेखी ।

इस प्रकार जबरजस्ती सिर्फ एक ही व्यक्ति पर बेदखली की कार्यवाही करना कही न कही राजनीतिक दबाव पर मैनपाट तहसीलदार द्वारा एक ही व्यक्ति पर कार्यवाही या प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी करने के वजह से इस तरह की कार्यवाही बदले की भावना से किया जा रहा है।

सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों पर सभी के लिए एक समान नियम बनाया गया है या सिर्फ एक व्यक्ति के लिए शायद इसका जवाब प्रशासनिक अधिकारियों के पास नहीं है या बदले की भावना से एक ही व्यक्ति पर बेदखली की कार्यवाही किया जा रहा है क्यों?

कार्यवाही हो तो सभी कब्जाधारियों के लिए एक समान।

मैनपाट के रोपाखार में बने सैकड़ो एकड़ में अवैध तरीके से बने सैकड़ो लोगों का घर है जो कार्यवाही हो तो सभी के लिए एक समान कार्यवाही हो अन्यथा सिर्फ एक ही व्यक्ति को बेघर करना कहां का न्याय है।