मांग ना पूरा होने पर जन आंदोलन की चेतावनी
अनुराग आचार्य (व्योरोचीफ)
यात्रीवाही ट्रेनो को तालचेर रेलवे स्टेशन होकर चलाने की मांग
तालचेर की जनता के लिए ट्रेन द्वारा यातायात की व्यवस्था ठीक न होने से स्थानीय जनता काफी परेशान है।
जनता की माँग है कि इस ओर चलने वाली सभी यात्रीवाही ट्रेनो को तालचेर से होकर चलाया जाए।
इस बाबत तालचेर परिवेश सुरक्षा समिति की ओर से स्थानीय उपजिलापाल के माध्यम से देश के केन्द्रीय रेल मंत्री को एक मांग पत्र शौपा गया।
तालचेर परिवेश सुरक्षा समिति का कहना है कि देश आजाद होने से पहले से ही तालचेर से कोयला ढो़ने के लिए मालवाही ट्रैनो का चलन आरंभ हो गया था। वर्तमान में रोजाना सैकड़ों कोयलालदी ट्रेने तालचेर से निकलती है, जिससे सरकार को प्रतिवर्ष हजारो करोड रुपये राजस्व की प्राप्ति होती है।
पर स्थानीय जनता की सुविधा के लिए यात्रीवाही ट्रेनो का अभाव है।
इसलिए इनकी मांग है कि सभी सवारी ट्रेनो, एक्सप्रेस ट्रेनो,सुफरफास्ट ट्रेनो को तालचेर स्टेशन से होकर चलाया जाए,
तालचेर बिमलागढ़ रेलपथ का निर्माण शिघ्र पुरा किया जाए,तालचेर से कडिहाँ तक सवारी ट्रेन चलाया जाए, कोयला लदी ट्रेनो को तिरपाल से ढंका जाए आदि चार सूत्रीय मांग पत्र संगठन की ओर से उपजिलापाल को शौपा गया।
तालचेर परिवेश सुरक्षा समिति के आवाहक पद्मचरण सामल, समिति के वरिष्ठ सदस्य तथा तेंटुलेइ ग्रामपंचायत के पुर्व समिति सदस्य विनोद लाल,विजुगोल ग्रामपंचायत के सरपंच तथा महिलानेत्री मानसी श्वाईं, श्रमिक नेता प्रह्लाद चंद्र साहू, कैलाश चंद्र साहू, आदि लोगो ने उपजिलापाल कार्यालय में एकत्र होकर संयुक्त रूप से मांग पत्र शौपा।
जिसके बाद तालचेर स्थित रेलवे के एआरएम मनोज भारत को भी उपरोक्त मांग पत्र शौपा गया।
जिसपर एआरएम ने यह आश्वासन दिया है कि सभी कोयलालदी ट्रेनो को ढंका जाएगा ।
संगठन की ओर से स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए यह अह्वान किया गया है कि इन मांगो को लेकर आगामी दिनों में जन आंदोलन किया जाएगा जिसमें तालचेर की जनता को बडी़ संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।





