मंटोला बस्ती के लोगों को आवास आवंटन में व्यापक भ्रष्टाचार
पिछले कई दिनों से मिडिया की सूर्खियो में और राउरकेला शहर में चर्चा का बिषय रही मंटोला बस्ती का विवाद को लेकर आज बस्ती वासीयों के तरफ से सेव ओडिशा ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष, और आरटीआई कार्यकर्ता नवीन गुप्ता ने मंटोला बस्ती के सैकड़ों लोगों के साथ राउरकेला नगर निगम कार्यालय जाकर नगर निगम आयुक्त को एक ज्ञापन शौपा। जिसमें उन्होंने मंटोला बस्ती और बस्ती वालों की वीवस्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि-
राउरकेला नगर निगम द्वारा सिविल टाउनशिप में स्थित मंटोला बस्ती को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। मंटोला बस्ती के विध्वंस से लगभग 500 लोग प्रभावित हुए, जिनमें लगभग 150 परिवार शामिल हैं। मंटोला बस्ती में रहने वाली आबादी मुख्य रूप से आदिवासी लोग हैं जो सिविल टाउनशिप के विकास से बहुत पहले, यानी 50 साल से भी अधिक समय पहले से इस क्षेत्र में रहते आए हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, मंटोला बस्ती के कई वास्तविक निवासी, जो मंटोला बस्ती में सिविल टाउनशिप के अस्तित्व में आने के समय से पहले से इस क्षेत्र में रह रहे हैं, प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत छेन्ड कॉलोनी में आवास प्राप्त करने से वंचित रह गए हैं। मंटोला बस्ती में रहने वाले लोगों से यह भी पता चला है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र , लोगों की लाभार्थी सूची कई बार जारी की गई। जिसमें से कई लाभार्थियों को बिना किसी सूचना के दूसरी-तीसरी सूची से अवैध रूप से हटा दिया गया और उन्हें प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत आवास प्राप्त करने के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही, मंटोला बस्ती में रहने वाले कई परिवार पात्र लाभार्थियों के लिए जारी की गई पहली सूची में भी शामिल नहीं थे।
मंटोला बस्ती में रहने वाले लोगों और अन्य स्रोतों से यह भी पता चला है कि राउरकेला नगर निगम के कुछ अधिकारी, राउरकेला विकास प्राधिकरण के कनीय अभियंता और स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सभी ने मिली भगत कर व्यापक भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी किया है, इसका नतीजा यह हुआ कि मंटोला बस्ती के गैर निवासियों से पैसे वसूले और प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची से मंटोला बस्ती के पात्र लाभार्थी का नाम हटा कर तीसरे व्यक्ति का नाम जोड़ दिया, जो वाहरी व्यक्ति थे।
उपरोक्त सभी परिस्थितियों के कारण मंटोला बस्ती के कई निवासी ठगा हुआ और बेसहारा महसूस कर रहे हैं। और अब मंटोला बस्ती के निवासी कड़ाके की ठंड में मलबे के ऊपर रहने के लिए मजबूर हैं। आज राउरकेला नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन तो दे दी गई, पर क्या इससे मंटोला बस्ती के लोगों को उनके हक का आवास मिल पाएगा। या यह ज्ञापन भी फाईलो में कही दब कर नगर निगम कार्यालय के किसी कोने में धूल फांगेगी। यह तो आनेवाला वक्त ही बताएगा।





