बिद्युत खंभे से टकराकर अटकी रथ
अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ)
बिजली विभाग की लापरवाही के कारण बिजली के खंभे से टकराकर रथ अटका।
यह घटना तालचेर की है जहाँ भगवान जगन्नाथ अपने रथ से नौ दिनो बाद मौसी के घर गुंडिचा से वापस अपने धाम को लौट रहे थे, कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण भगवान जगन्नाथ का रथ बड़दाण्डो़ साही के बीचों बीच अटक गया। जिससे भक्तो के मन में नाना प्रकार की अशंकाये जन्म लेने लगी।
बाहुडा़यात्रा के दिन तालचेर के गुंडिचा में सुबह से ही पूजन, आरती,भजन, किर्तन में भक्तो की व्यस्तता देखी गई, भगवान को विदा करने का समय भी आ गया भगवान जगन्नाथ के साथ भाई बलराम और बहन सुभ्रदा को रथ में बिठाया गया।हल्की बारीष होने के बावजूद भक्तो का जोश देखते बना ,भक्त गण बारीष का आनंद लेते हुए पूरे जोश के साथ रथ खीचते रहे।
आगे जाकर बड़दाण्डो़साही के बीचोबीच रथ एक बिद्युत खंभे से टकराकर रुक गई। यह खंभा बिद्युत बिभाग के द्वारा पुराना खंभा होने के बावजूद खंभे से पाँच फुट की दूरी पर गाडा़ गया था जिसपर कोएल बिछाया गया था। उस वक्त स्थानीय लोगों ने इसका बिरोध किया था ।
रथ इसी खंभे से टकराकर अटक गई थी यदि रथ जोर से टकराई होती तो खंभा टूट सकता था जिसके कारण बड़ी दुर्घटना घट सकती थी।
बहुत मशक्कत के बाद इस स्थान से रथ को निकाला जा सका जिससे काफी समय नष्ट हुई।





