फर्जी नंबर प्लेट लगी आटो रिक्शा जब्त
अनुराग आचार्य (व्योरोचीफ)
फर्जी नंबर प्लेट लगी आटो रिक्शा जब्त
तालचेर के साउथ ब्लांडा क्षेत्र के रवीनारायण कुंडू कई सालों से दो आटो रिक्शा के सहारे अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। श्री कुंडू को जब शासन के नए नियमों के अनुसार हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने का आदेश मिला तो उन्होंने ऑनलाइन की मदद ली। लेकिन ऐसा नहीं हो सका तो वह बलंडा़ बाजार में नंबर प्लेट बनाने वाली दुकान पर चला गया। वहां के दुकानदार ने कहा कि मैं वो नंबर प्लेट लगा दूंगा लेकिन इसके लिए मैं 3 हजार रुपये लूंगा। इसपर श्री कुंडू दुकानदार की बातों से प्रभावित होकर उन्हें नंबर प्लेट लगवाने के लिए 3 हजार रुपये देने को कहा और दुकानदार ने उपयुक्त नंबर प्लेट बनाकर ऑटो पर लगा दी।
जब श्री कुंडू ने ऑटो रिक्शा के फिटनेस के लिए ऑनलाइन आवेदन किया और तारीख 29/03/2023 है के दिन वह अपने ऑटो लेकर तालचेर के परिवहन विभाग के कार्यालय पहुंचे। जब कनीय एमवीआई बिपिन बिहारी दास ने आटोरिक्शा की फिटनेस की जांचय की, तो उन्होंने पाया कि वाहन पर लगी नंबर प्लेट हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) नहीं थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कार्यालय के श्री दास द्वारा इन ऑटो रिक्शा को जब्त कर लिया गया।और उन पर ₹22,000, का जुर्माना लगाया गया। श्री कुंडू ने आरोप लगाया कि कार्यालय के अनुसार एक ऑटो होने की बात कहते हुए उक्त वाहन मालिक ने फिटनेस के लिए दो ऑटो लिए और दोनों वाहनों के फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर के लिए 22 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा दलाल उनके पास आए और इस घटना से निपटने के लिए 3000 रुपये मांगे,जिसपर श्री कुंडू भी प्रभावित होकर 3000 रुपये दे दिए,यहाँ प्रश्न उठता है कि अब बेचारा ऑटो वाला क्या करे? सरकार के आदेश की अवमानना कर सैकड़ों की संख्या में फर्जी नंबर प्लेट बनवाकर वाहनो में लगवाया जा रहा है, जिससे चोरी हो जाने से वाहन मालिक के सामने वाहन का मालिक न होने की समस्या आ खड़ी होती है। इसलिए फर्जी नंबर प्लेट बनाने वाले दुकानदारों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग आम जनता द्वारा उठने लगी है।





