पुरी महाराज ने इस्कॉन के विदेशों में रथयात्रा पर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग
सतीश शर्मा (उप संपादक)
पुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने विदेशों में वर्षभर रथयात्रा आयोजित करने के इस्कॉन (ISKCON) के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति (एसजेटीएमसी) ओडिशा सरकार से परामर्श के बाद इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएगी।
गजपति महाराज ने बताया कि उन्होंने 4 जुलाई को इस्कॉन के नए अध्यक्ष को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि विदेशों में रथयात्रा का आयोजन पुरी की परंपरा, धार्मिक पंचांग और शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार किया जाए। उन्होंने कहा कि स्नान यात्रा और भगवान जगन्नाथ के जन्मोत्सव जैसे पर्व केवल निर्धारित तिथि (तिथि) पर ही मनाए जाने चाहिए। परंपरा के विपरीत मूल विग्रह को अन्य तिथियों पर बाहर निकालना सनातन वैदिक धर्म की मर्यादा का उल्लंघन है।
उन्होंने बताया कि 7 जुलाई को इस्कॉन की गवर्निंग बॉडी कमीशन (जीबीसी) ने जवाब देते हुए स्पष्ट कर दिया कि विदेशों में वर्षभर रथयात्रा आयोजित करने के अपने निर्णय पर वह कायम रहेगा और इस विषय पर आगे कोई चर्चा नहीं होगी।गजपति महाराज ने कहा कि इसके बाद श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति ने इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इस्कॉन द्वारा 19 अक्टूबर 2025 को यह निर्णय लिए जाने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। साथ ही 20 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति से मुलाकात कर उन्हें भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा था।उन्होंने कहा कि इस वर्ष की रथयात्रा संपन्न होने के बाद मंदिर प्रबंध समिति का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली जाकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेगा और इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करेगा।





