धूमधाम से मनाई गई संत तुलसी दास जयंती
राउरकेला की सबसे पुरानी एवं सम्मनित संस्थाओं में से एक हनुमान वाटिका स्थित मानस परिषद् द्वारा आयोजित संत गोस्वामी तुलसीदास की जयंती एवं भजन संध्या का मुख्य कार्यक्रम विधिवत रूप से संपन्न हो गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राउरकेला इस्पात संयंत्र के डीआईसी अतानु भौमिक एवं सम्मानित अतिथि के रूप में डीआईजी नीति शेखर उपास्थित थे।कार्यक्रम मुख्य रूप से दुनिया के महान ग्रंथों में एक श्री रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास के जन्मदिवस पर मनाया जाता है तथा संक्षेप में उनकी जीवनी तथा लेखनी पर चर्चा होती है।
अयोध्या में मनाई गई संत तुलसी दास जयंती। देखे विडियो
सर्वप्रथम अतिथियों ने मानस मंदिर जाकर भगवान रामजी एवं सीता माता के दर्शन कर पूजा अर्चना की।मंच पर संस्था के अध्यक्ष सियाकांत सिंह ने मुख्य अतिथि का एवं सचिव राजकुमार शुक्ला ने सम्मानित अतिथि का शॉल/ अंगवस्त्र ओढ़ाकर तथा पुस्पगुच्छ देकर स्वागत किया। कार्यक्रम का प्रारंभ मुख्य अथिति, सम्मानित अतिथि के साथ संस्था के अध्यक्ष तथा सचिव द्वारा दीप प्रज्वलन के कार्यक्रम तथा गोस्वामी तुलसीदास जी की आरती के साथ कार्यक्रम विधिवत प्रारंभ हुआ।
अध्यक्ष सियाकांत सिंह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में अतिथियों का स्वागत किया तथा उपस्थिति हेतु उनका आभार जताया। मुख्य अतिथि मानस परिषद आ कर भावविभोर हो गए उनका बचपन राउरकेला में व्यतीत होने के कारण संस्था के साथ राउरकेला संयंत्र के लंबे जुड़ाव का इतिहास रहा है तथा अतीत में दशमी के दिन नेहरू मैदान में रावण दहन की यादें ताजा की जो कार्यक्रम पूर्व में परिषद् द्वारा वर्षों तक आयोजित होता रहा। सम्मानित अतिथि ने भी इस अति सुंदर कार्यक्रम की तारीफ की तथा अफसोस जताया कि उन्हें संस्था से जुड़ने में इतना समय लग गया जबकि वो राउरकेला लगभग दो वर्षो से राउरकेला में ही पदस्थ हैं। अतिथियों ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि संस्था अपने संस्कृति और धरोहर को बचाने का काम कर रही है साथ साथ इसे और आगे बढाने का काम भी कर रही है तथा भविष्य में भी हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण *मानस रत्न सम्मान* रहा जिसे संस्था के दो सदस्यों को मुख्य तथा सम्मानित अतिथि द्वारा प्रदान किया गया। सुश्री गुरुप्रिया पंडा जो इस सुंदरगढ़ जिले के बेटी हैं तथा जिनकी पुरखों की जमीन पर यहां स्टील प्लांट बना एवं शहर बसा है , जिनकी मातृ भाषा हिंदी ना होने पर भी दमदार उपस्थिति एवं लगातार सहयोग हेतु मानस रत्न से सम्मानित किया गया। दूसरा मानस रत्न सम्मान श्री कामेश्वर तिवारी को परोक्ष में रहकर समर्पित भाव एवं निरंतर सहयोग की भावना के कारण दिया गया। उत्कृष्ट सेवा के लिए श्री प्रशांत सेनापति जी को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। सर्वश्री आर के द्विवेदी,भोला प्रसाद,बिट्टू त्रिवेदी, वसिस्ट राय एवं श्रीमती संध्या साहू को विशेष प्रोत्साहन सम्मान से सम्मानित किया गया। मंच संचालन श्रीमती ममता गौतम ने अपने मधुर कंठ से गणेश वंदना के साथ गोस्वामी तुलसीदास जी के जीवन और व्यक्तिव पर प्रकाश डालते हुए किया।
कार्यक्रम के अंत में सचिव राजकुमार शुक्ला द्वारा धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अतिथियों का अपना बहुमूल्य समय देने हेतु तथा सबके सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने भजन संध्या का आनंद लेते हुए प्रसाद सेवन किया।कार्यक्रम में हजारों लोगों की उपस्थिति रही। संस्था की ओर से उपस्थित सदस्यों में सर्वश्री जी एन श्रीवास्तव, वेद प्रकाश तिवारी,सुरेंद्र पांडे, पी एन तिवारी,मुरली राव,महिराज साहू,प्रेम गुप्ता,भूषण त्रिवेदी,पवन श्रीवास्तव,त्रिलोकी पांडे, अजीत सिंह यादव,जय प्रकाश चौबे,रमेश दुबे,अखिल त्रिपाठी,नीलमणि द्विवेदी, जितेंदर पांडे,शेखर प्रसाद, ओपी सिंह ने सहयोग किया।





