तालचेर में बिकराल रूप लेती बेरोजगारी की समस्या
अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ)
ओड़िशा के अंगुल जिले में स्थित तालचेर शहर कोयला खान के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ कई कोयला खाने, बिद्युत उत्पादन संयंत्र व राष्ट्रीय से लेकर स्थानीय स्तर तक के उद्योग है, फिरभी यहाँ के युवाओ में बेरोजगारी की समस्या दिन व दिन समस्या बनती जा रही है, एक औद्योगिक शहर में यह ऐसी समस्याएं चिंतनीये है
तालचेर में कई कोयला खाने, नालको, टीटीपीएस, एवं एनटीपीसी जैसी बृहद राष्ट्रीय स्तर के उद्योगो के अलावे विभिन्न निजी कंपनियां जैसे-जे.आई.टी.पी.एल. कोयला से संबंधित कारखाने, लोहे के कारखाने एवं विभिन्न प्रकार के कई कारखाने स्थापित किए गए है।
आश्चर्य की बात यह हैं कि इतने कल-कारखानो के होते हुए भी यहाँ के युवाओ में बेरोजगारी एक बहुत बड़ी समस्या बनकर सामने आ रही है।
ओडिशा में कोयला उत्पादन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी एमसीएल कोयला खान के कारण बिस्थापित हुए लोगो को प्रशासनिक, राजनैतिक उदासीनता के कारण अबतक नौकरी उपलब्ध नही करवाया गया।
दूसरी ओर तालचेर में खाद्य कारखाना एवं टीटीपीएस बंद हो जाने से हजारो लैगो को नौकरी से हाथ धोना पड़ा, इन कारखनो से नौकरी गांवाने वाले लोग आज असहाय महसूस कर रहे है।
यही नही पाँच सौ करोड़ लागत की तालचेर मेडिकल कालेज तीन वर्षो से बेकार पडा़ है,जिससे अनेको शिक्षित युवक - युवतियाँ यहाँ नियुक्ति के लिए आस लगाए बैठे है।
केंद्र सरकार की ओर से खाद्य कारखाने को 13 हजार करोड़ रुपये व्यय कर पुनः आरंभ करने का फैसला लिए जाने से लोगो में कुछ आश जगी है। लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण इस कार्य में भी बिलंब होने से लोगो में निराशा देखा जा रहा है।उम्मीद है कि सितम्बर 2023 से यहाँ व्यवसायिक उत्पादन आरम्भ हो जाएगा।
उसी प्रकार टीटीपीएस का पुनरुद्धार कार्य की तारीख आगे बढ़ती ही जा रही है।
एमसीएल के तत्वधान में दस कोयला खाने है जिनमें नियुक्ति, क्षतिपूर्ति को लेकर अक्सर आन्दोलन, धरनाप्रदर्शन, आदि होने के कारण इन खानो में काम बाधित होता रहता है।
घरेलू खानो में भी स्थानीय लोगो को नियुक्त ना कर बाहर राज्यो के लोगो को ठेका श्रमिक रख कर काम लिया जा रहा है।
एक के बाद एक कृषि योग्य भूमि खानो में तबदील हो जाने से कृषको के पास कृषि कार्य हेतु भूमि बची ही नहीं, ऐसे में कृषि के जरिए जीवन यापन करने वालो कृषको के समक्ष बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न होना स्वाभाविक है।
इन सब कारणो से स्थानीय लोगो,शिक्षित युवक युवतीयो के समक्ष बेरोजगारी की समस्या बिकराल रूप लेती जा रही है।
प्रशासन को इसपर ध्यान देने की आवश्यकता है।





