तालचेरवासीयो को रेलवे से होरही असुविधा

तालचेरवासीयो को रेलवे से होरही असुविधा

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ) 

तालचेर की विभिन्न समस्याओं को लेकर पूर्व तट रेलवे महाप्रबंधक को दावा पत्र दिया गया। 
 तालचेर में पूर्व तट रेलवे महाप्रबंध भुवनेश्वर के शारदा कुमार श्रीवास्तव और खुर्दा रोड डीआरएम रिंकेश रे के तालचेर  दौरे के दौरान तालचेर जन विकास कल्याण संघ की ओर से एक प्रतिनिधि दल ने मुलाकात की और विभिन्न समस्याओं के बारे में एक बयान दिया।  
इस दावे में उल्लेख किया गया है कि देश के आर्थिक विकास में तालचेर के लोगों की प्रमुख भूमिका है।  स्थानीय निवासियों द्वारा राष्ट्र के लाभ के लिए अपनी कृषि भूमि खोने के बाद, एमसीएल, एनटीपीसी / टीटीपीएस, भारी जल परियोजनाओं सहित कई निजी कंपनियां हैं।  जिसके कारण तालचेर राष्ट्रीय स्तर पर कोयला और बिजली वितरण के क्षेत्र में एक व्यावसायिक केंद्र बन गया है।  रेलवे प्राधिकरण के मुनाफे में आने के साथ-साथ सरकार को हजारों करोड़ का राजस्व भी मिल रहा है।  देश के अलग-अलग कोनों से हजारों की संख्या में लोग यहां आकर बस रहे हैं।  अफसोस की बात है कि तालचेर शहर चारो ओर से रेलवे से घिरा हुआ है, जिससे जनता को आने-जाने में असहनीय पीड़ा हो रही है।  इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए कडिंहा तक यात्री ट्रेनों को चलाने की अनुमति दी गई है और सभी इंटरसिटी ट्रेनों या एक्सप्रेस ट्रेनों को तालचेर स्टेशन के माध्यम से संचालित किया जाना है। इनकी मांग है कि स्टेशन की छायांकन (सेड़) में सुधार किया जाए, शौचालय व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए, घंटापाड़ा ओवरब्रिज का काम जल्द पूरा किया जाए, और हाटोत्तोटा, बनतोल, बांकधरा रेलवे फाटकों के पास नए ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए और जनहित में समर्पित किया जाए। यह मांग आज जारी करते हुए संगठन के अध्यक्ष भूपेन थंब, सलाहकार सरोज धर, कमेटी के सदस्य करुणाकर साहू, अभय मणि, जितेंद्र महापात्रा, सरोजिनी बेहरा, हिमांशु शेखर मिश्रा, बिर्ची सामल, दुशासन साहू, अविनाश साहू प्रमुख रूप से मौजूद रहे।