तालचेर उर्वरक कारखाना से स्थानीय लोगो को शिकायत

तालचेर उर्वरक कारखाना से स्थानीय लोगो को शिकायत

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ) 

स्थानीय प्रजा महासंघ की ओर से टीएफएल के मुख्य संपादक को एक शिकायत पत्र शौपा गया।
 तालचेर उर्वरक कारखाना में स्थानीय प्रजा महासंघ ने 5 मांगों के साथ टीएफएल महाप्रबंधक को पत्र दिया है। संगठन के अध्यक्ष मनोज कुमार प्रधान के नेतृत्व में एफसीआई के सैकड़ों सदस्य फुटबॉल मैदान से एक जुलूस निकालकर टीएफएल संपादक को पुरस्कार प्रदान किया।  तालचेर उर्वरक कारखाना लिमिटेड का काम इस समय जोर-शोर से चल रहा है।  वर्तमान में कई निजी कंपनियां आकर अपना काम शुरू कर चुकी हैं।  लेकिन कारखाने के आसपास प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित लोगों को कोई रोजगार या स्थिर काम नहीं मिल पा रहा है।  इसके बजाय तालचेर के बाहर से लोग यहां आकर नियमित रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।

इन्ही सब मुद्दो को लेकर 5 सूत्री मांगें रखी गई है, जो इस प्रकार है - उर्वरक कारखानों में कार्यरत सभी निजी कंपनियों में 90 प्रतिशत स्थानीय बेरोजगारों को राज्य सरकार के नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराना।  केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार कारखानों में सभी नियमित श्रमिकों का कार्य समय 8 घंटे निर्धारित किया जाना चाहिए।  12 घंटे काम नियमित तरीके से किया जा रहा है,  इसे बंद करना। केंद्र सरकार के नियमानुसार सभी नियमित कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, ईपीएफ, ईएसआई कार्ड और अन्य संबंधित लाभ प्रदान किए जाएं।  स्थानीय बेरोजगार लोगों को उर्वरक कारखानों में छोटी नौकरियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।  फैक्ट्री में आने वाले ट्रक आमतौर पर रिहायशी इलाकों से रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे के बीच चले ।  संगठन के अध्यक्ष  श्री प्रधान ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर मांगें पूरी नहीं की गई तो हम शुक्रवार 19/08/2022 को कारखाने के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।