डालमियां सीमेंट ने स्थानीय कलाकारो को दिया अवसर

डालमियां सीमेंट ने स्थानीय कलाकारो को दिया अवसर

रामप्रवेश चौधरी (संपादक) 

डालमिया सीमेंट, राजगांगपुर ने दुर्गा पूजा के दौरान स्थानीय कारीगरों को अपनी संस्कृति दिखाने का अवसर दिया

दुर्गा पूजा का उत्सव भारत के पूर्वी हिस्से का सबसे प्रतीक्षित उत्सव है। डालमिया सीमेंट हर साल नए जोश, पारम्परिक उत्साह और अनूठे तरीके से मनाता है l पूरा संगठन, उसके कार्यालय, कॉलोनियां, क्लब, कर्मचारी और उनके परिवार इस उत्सव में समान रूप से भाग लेते हैं। इस वर्ष भी नवरात्रि उत्सव बड़े धूम धाम से सभी इकाइयों में मनाया गया l गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हुए उत्सव के बाद नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा, विजय यात्रा, रावण दहन और विसर्जन होता है।

राजगांगपुर में दुर्गा पूजा के उत्सव के दौरान डालमिया सीमेंट ने अपनी सामाजिक दायित्व विभाग (सी.एस.आर) के मार्गदर्शन से ग्रामीणों, स्थानीय कलाकारों, बुनकरों आदि को उनके द्वारा तैयार की गई विभिन्न प्रकार की हस्तशिल्प वस्तुओं को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान किया। कुकुड़ा, केशरामlल,
कुंचुपाड़ा,अलंडा और लांजीबर्ना के स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में दुर्गा पूजा पंडाल का दौरा किया। महाष्टमी के पावन अवसर पर भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया। प्रसाद वितरण के लिए उपयोग किए गए  मिट्टी के बर्तन को लांजीबर्ना और राजगांगपुर नगर पालिका की महिलाओं द्वारा चित्रित किया गया था।

नवरात्रि के शुभ अवसर पर डांडिया प्रतियोगिता, भजन समारोह, ओडिशी नृत्य, स्थानीय लोक नृत्य और आर्केस्ट्रा सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा, भक्ति संगीत में एक लोकप्रिय नाम अनिल बावरा एवं ट्रूप द्वारा महा आरती और महा जग्रlता भी आयोजित किया गया था। पूजा पंडाल में महानवमी प्रसाद को संयंत्र के अधिकारी,कर्मचारियों सहित लगभग 4000 लोगों को परोसा गया।

नवरात्रि के अंतिम दिन राजगांगपुर के बीर बिरसा स्टेडियम में रावण दहन हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया l विजयादशमी की पावन अवसर पे श्री गणेश डब्ल्यू जिरकुंटवार, श्री के सेल्वामुथुकुमार, श्री चेतन श्रीवास्तव सहित उनके परिवार के सदस्य इस अवसर पर उपस्थित थे जिन्होंने नवरात्रि के पवन पर्व को सफल बनाने में अपना पूरा योगदान दिया। विजयादशमी पर आयोजित रावण दहन न केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, बल्कि कोविड -19 महामारी की आड़ में दानव पर मानवता की जीत का भी प्रतीक है। इस बार का आयोजन इसलिए भी खास था क्यूंकि 2 लंबे वर्षों के बाद, इस साल की दुर्गा पूजा लोगों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आई क्योंकि इस साल वे अपने प्रियजनों के साथ बिना किसी  महामारी के डर के उत्सव का आनंद ले पाए।

शाम को इस रावण दहन समारोह को देखने के लिए राजगांगपुर शहर और आसपास के गांवों से हजारो लोग पहुंचे थे l डालमिया सीमेंट एवं रीफ्रैक्टरी विभाग के अधिकारी, कर्मचारी,संगम महिला मंडल, मिलन महिला मंडल, जागृति महिला मंडल के सदस्य, संयंत्र के एचआर, एडमिन, इस्टेट, फायर सर्विस, सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन ने नवरात्रि को भव्य रूप से सफल बनाने में अपना सहयोग दिया।