डालमियाँ सीमेंट ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया
डालमिया सीमेंट ने सशक्तिकरण और समुदाय के प्रति प्रतिबद्धता के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में, भारत की प्रमुख सीमेंट कंपनी डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड (डीसीबीएल) ने ओडिशा के अपनी राजगांगपुर संयंत्र में कार्यक्रमों की एक विशेष श्रृंखला की मेजबानी की, जिसमें महिलाओं को सशक्त बनाने और उत्थान के लिए समर्पित पहलों का प्रदर्शन किया गया, साथ ही संयंत्र एवं लांजीबरना खान के आसपास के समुदायों में विविधता और लैंगिक समानता तथा समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए डीसीबीएल की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम के दो मुख्य आकर्षणों में लांजीबरना में एक हॉकी कोचिंग सेंटर की घोषणा शामिल है, जिसे स्थानीय समुदायों के भीतर उभरती प्रतिभाओं को पोषित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके अतिरिक्त, डीसीबीएल ने लांजीबरना में दीक्षा (डालमिया इंस्टीट्यूट ऑफ नॉलेज एंड स्किल हार्नेसिंग) केंद्र में जनरल ड्यूटी असिस्टेंट और सिलाई मशीन ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 50 प्रशिक्षुओं को ऑफर लेटर देकर कौशल विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। मालूम हो की 20 सिलाई मशीन ऑपरेटर प्रशिक्षु तमिलनाडु के तिरुपुर में केपीआर मिल लिमिटेड में नियुक्त होंगे, जबकि 30 जनरल ड्यूटी असिस्टेंट प्रशिक्षु हैदराबाद में ला मैक्लीन इंडिया लिमिटेड के तहत एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी हॉस्पिटल में शामिल होंगे। सम्मानित किये गये सभी प्रशिक्षु महिलाएं हैं। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध पूर्व भारतीय महिला फील्ड हॉकी खिलाड़ी और ओलंपियन, सुश्री नमिता टोप्पो और सुश्री अजमीना कुजूर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे वहीँ सम्मानित अतिथि के रूप में वरिष्ठ कार्यनिर्वाही निर्देशक एवं डालमिया सीमेंट भारत लिमिटेड के राष्ट्रीय विनिर्माण प्रमुख गणेश डब्ल्यू जिरकुंटवार, डीसीबीएल के कार्यनिर्वाही निर्देशक श्री चेतन श्रीवास्तव, एईडी डीसीबीएल - राजगांगपुर मानव संसाधन विभाग के मुख्य डॉ. नीलाद्रि भूषण पाढ़ी, लांजीबरना खान प्रमुख श्री ओमप्रकाश रामरावजी खेलकर, श्रीमती पुष्पा केरकेट्टा सरपंच कटंग ग्राम पंचायत, सुश्री शिल्पा एक्का समिति सदस्य कुकुड़ामुंडा और श्रीमती शुनीति धनवार समिति सदस्य कटंग शामिल थे।
श्री गणेश डब्ल्यू जिरकुंटवार, वरिष्ठ कार्यनिर्वाही निर्देशक एवं डीसीबीएल के राष्ट्रीय विनिर्माण प्रमुख ने साझा किया, “डालमिया सीमेंट में हम अपने परिचालन के क्षेत्रों में ग्रामीण समुदायों के भीतर सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा देने के लिए समर्पित हैं। हम सतत विकास की परिवर्तनकारी शक्ति में विश्वास करते हैं, जिसमें समुदायों को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक उपकरण, संसाधन और अवसर प्रदान करके उनका उत्थान करना शामिल है। कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और लैंगिक समानता की वकालत करके, हम न केवल व्यक्तिगत जीवन का उत्थान करते हैं बल्कि व्यापक सामाजिक और आर्थिक प्रगति को भी सक्षम बनाते हैं। हमें अधिक समावेशी और विविध वातावरण के निर्माण की दिशा में अपने प्रयासों की परिणति को देखकर गर्व है।''
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कई सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों द्वारा चिह्नित किया गया, जो अपने समुदायों के भीतर सकारात्मक बदलाव लाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करती हैं। महिला सरपंच और पीएस सदस्यों को उनकी अनुकरणीय सेवा के लिए सम्मानित करने से लेकर हस्तशिल्प जैसे प्रयासों के माध्यम से महिला कारीगरों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने तक, इस अवसर ने अधिक समावेशी समाज के निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला है। बाधाओं और चुनौतीपूर्ण रूढ़ियों को तोड़ते हुए, इस कार्यक्रम में जेंट्स फैशन शो जैसे सशक्त क्षण शामिल थे, जहां महिला कारीगरों ने गर्व से अपने हस्तनिर्मित बाटिक प्रिंट कृतियों को प्रस्तुत किया, जो उनकी लचीलापन और रचनात्मकता का प्रतीक था। डीसीबीएल की प्रमुख परियोजनाओं जैसे वाडी, दृष्टि, हस्तकला, अन्नदाता, बांस की खेती, दीक्षा और ग्राम परिवर्तन के तहत विभिन्न परियोजनाओं को प्रदर्शित करने वाले सामुदायिक पहल वीडियो, विशेष रूप से क्षेत्र की महिलाओं के उत्थान और समर्थन के लिए डालमिया सीमेंट द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के परिवर्तनकारी प्रभाव को दिखाने के लिए प्रदर्शित किए गए। जिसके बाद आर एंड आर योजना और सुविधाओं पर प्रकाश डालने वाला एक वीडियो दिखाए गए, साथ ही संबलपुरी और सदरी जैसे पारंपरिक नृत्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर आयोजन का समापन किया गया l
संयंत्र के पुनर्वास एवं थईथान विभाग, मानव संसाधन, फायर सर्विस, सुरक्षा, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, अधिकारी, ग्रामीण, सरपंच, समिति-वार्ड सदस्य, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिला सदस्य और स्थानीय प्रशासन ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान किया l





