डर के साय में तालचेर की जनता
अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ)
तालचेर के बिभिन्न हिस्सों में दबंगो का आतंक इस कदर छाया है कि शाम सात बजे के बाद लोगो का घरों से निकालना मुश्किल हो गया है। यदि अति आवश्यक कार्य से कोई निकलता भी है ,सही सलामत घर लौट पाने में संदेह होता है।
तालचेर सदर थाना क्षेत्र के बघुआबोल गांव में पिछले कुछ दिनों से दबंगों का आतंक जारी है, इस इलाके में शाम सात बजे के बाद लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकलते हैं और अगर किसी काम से बाहर भी गए हैं तो भी घर लौटने में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले तालचर नगर निगम के हनुमानपाड़ा का एक युवक हीरो होंडा मोटरसाइकिल से कही जा रहा था कि मोटरसाइकिल का स्टार्ट बंद हो गया, शोर सुनकर स्थानीय लोग अपने अपने घरों से बाहर आ गए यह देख मोटरसाइकिल लूटने आए बदमास वहाँ से भाग निकले। इसी तरह तालचेर सदर थाना अंतर्गत तालबेड़ा शहरशाही के लोग रात में एक कार्यक्रम के दौरान मौके का फायदा उठाकर मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए। वहीं तालचर बस स्टैंड से ऑटो और ट्रकों से बैटरी चोरी होने की कई शिकायतें पुलिस को कई बार मिलीं। शनिवार साप्ताहिक हाट के पास बीएसएनएल कार्यालय संतोषी कॉलोनी में एक घर से स्कूटी और घरेलू सामान चोरी हो गया और इसकी पुनरावृत्ति फिर शाम साढ़े सात बजे बघुआबोल गांव की एक आंगनवाड़ी कर्मी के घर पर हुई। सूचना मिलने पर पुलिस श्वान (कुत्ता) और हाइंटिफिक टीम के साथ मौके पर पहुँच कर जाँच पड़ताल शुरू कर दी । बहरहाल, ऐसा घिनौना कार्य कौन कर रहा है और क्यों हो रहा है,जिससे इलाके के निवासी काफी असंतुष्ट हैं, और पुलिस इनसे कैसे निजात पाएगी, इस बात की चर्चा अलग-अलग हलकों में होने लगी है.।
ऐसा माना जा रहा है कि कुछ युवा जो सफेद जहर ब्राउनसुगर , कोरेक्स, नाइट्रोजन टैबलेट, मारिजुआना, शराब जैसी घातक मादक ले रहे हैं,यही युवा मादक पदार्थ के लिए पैसे की कमी को पूरा करने के लिए ऐसे असमाजिक कार्यो को अंजाम दे रहे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो तालचेर अंचल में लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाएगा,इसपरबुद्धिजीवियों का कहना है कि अगर हम सावधान नहीं हुए तो स्थिति और अधिक जटिल हो जाएगी इसलिए तालचेर निवासियों ने मांग की है कि पुलिस प्रशासन तत्काल कार्रवाई करते हुए सख्त कदम उठाए , रात में गश्त बढ़ाए और दोषियों को गिरफ्तार करे।





