ठगी के मामले में आरोपीयों को बिहार से गिरफ्तार कर छत्तीसगढ़ लाया गया

ठगी के मामले में आरोपीयों को बिहार से गिरफ्तार कर छत्तीसगढ़ लाया गया

प्रेस विज्ञप्ति:जशपुर पुलिस (दिनांक11.12.2024)

➡️ठगी के मामले में जशपुर पुलिस ने पटना बिहार से आरोपियों को किया  गिरफ्तार।
➡️मामला पीडब्ल्यूडी कान्ट्रेक्टर से रूपये ठगी से संबंधित।
➡️कान्ट्रेक्टर से कामधेनु सरिया का डीलर बनाने के एवज में  9,25,000/-रूपये की गई ठगी।
➡️गिरफ्तार  6 आरोपियों में एक नाबालिग।
➡️01 अन्य आरोपी फरार जिसकी गिरफ्तार हेतु जशपुर पुलिस द्वारा किया जा रहा प्रयास।
➡️आरोपियों से पासबुक व मोबाइल किया गया जप्त।

➡मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 13-09-2024 को प्रार्थी कनक कुमार चंडालिया पिता स्व. रतनलाल चंडालिया उम्र 55 वर्ष निवासी-जशपुर द्वारा थाना सिटी कोेतवाली जशपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह शासकीय लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में विजयलक्ष्मी इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम से ठेकेदार का काम करता है। इसी सिलसिले में दिनांक 07-09-2024 को गुगल से कामधेनु सरिया कंपनी का नंबर सर्च कर उसमें काॅल करके कामधेनु सरिया बिक्री हेतु डीलर बनने की इच्छा जताई थी जिस पर उन्होंने बताया कि आपसे अंकित शर्मा नाम का व्यक्ति बता करेगा जो कि रायगढ़ व जशपुर का कार्य करता है जिसके 10 मिनट बाद उधर से अंकित शर्मा नाम के व्यक्ति द्वारा मुझे फोन कर मुझसे आधार कार्ड, पेनकार्ड, दुकान की फोटो, फर्म की जीएसटी व 01 कैंसल चेक की फोटोकापी व्हाट्सअप करने हेतु कहा गया। मैंने उसको व्हाट्सअप कर दिया। फिर उसके द्वारा कहा गया कि आपका डीलरशिप हेतु चयन हो गया है। फिर दिनांक 09-11-2024 को 01,25,000/-रूपये नेट बैंकिंग द्वारा एक बैंक खाते में डिपोजिट कराया गया उसके बाद मेरे द्वारा 32 मिट्रिक टन सरिया का आर्डर देने पर उसका बिल 15,71,400/-रूपये आॅनलाइन भेजा। अग्रिम राशि के रूप में मुझसे एक अन्य बैंक खाते में 08,00,000/-रूपये आरटीजीएस के माध्यम से डिपोजिट कराया गया। मुझे ठगी का एहसास होने पर मेरे द्वारा कामधेनु स्टील के हेडक्वार्ट गुड़गांव (हरियाणा) बात करने पर पता चला कि उनके द्वारा किसी प्रकार की डीलरशिप नहीं दी गई है। इस प्रकार मुझसे कुल 09,25,000/-रूपये की ठगी की गई है। 

➡उक्त शिकायत के आधार पर थाना सिटी कोतवाली जशपुर में अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध बी.एन.एस. की धारा 318(04),03(05)के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही थी कि इसी दौरान सायबर सेल की सहायता से खाता का लेनदेन (ट्रांजेक्सन) व मोबाइल सर्विलांस के आधार पर संदेही आरोपियों का सुराग मिलने पर पुलिस अधीक्षक जिला-जशपुर शशि मोहन सिंह (भा. पु.से.)  के दिशा-निर्देष व नेतृत्व में पुलिस की एक टीम को पटना (बिहार) भेजा गया। जहां से पाटलीपुत्र पटना के किराये के मकान से 01 नाबालिग सहित कुल 06 आरोपियों

1.मनीष उम्र 21 वर्ष निवासी-मालती थाना अस्थमा नालंदा,बिहार,

2.रूदल उम्र 20 वर्ष निवासी-मालती थाना अस्थमा नालंदा,बिहार

3. राजन उम्र 19 वर्ष निवासी-मालती थाना अस्थमा नालंदा, बिहार

4. विषाल उम्र 22 वर्ष निवासी-मालती थाना अस्थमा नालंदा, बिहार

5. अजीत उम्र 19 वर्ष, निवासी-सुजानविधा थाना-अस्थमा नालंदा, बिहार, एवं

6. एक नाबालिग बालक, मे से 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर व 01 नाबालिग को थानासिटी कोतवाली जशपुर लाया गया। मुख्य आरोपी रोशन यादव उम्र 20 वर्ष निवासी कबीरपुर थाना मानपुर नालंदा (बिहार) के फरार होने से उसकी लगातार पतासाजी की जा रही है। आरोपियों से बैक खाता  व मोबाइल जप्त की गई है। बैक खाता व रकम लेनदेन के संबंध में जशपुर पुलिस द्वारा  सघन  जांच की जा रही है। जिसके आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।  गिरफ्तार आरोेपियों से पूछताछ करने पर पता चला कि मुख्य आरोपी जो फरार है उसके द्वारा आरोपियों से खाता की जानकारी लेकर उनका एटीएम कार्ड ,बैक खाता व बैंक खाता से लिंक मोबाइल सिम को अपने पास रखता था जिसकी एवज में उन्हें प्रति ट्रांजेक्शन 5,000/-रूपये देने की बात हुई थी। मुख्य आरोपी रोशन यादव द्वारा रकम को स्वयं एटीएम व आॅनलाइन बैंकिंग के माध्यम से निकाल लिया जाता था। 

➡मामले की विवेचना व कार्यवाही में पुलिस उपाधीक्षक अजाक/अपराध भावेश समरथ,थाना सिटी कोतवाली जशपुर से निरीक्षक रवि शंकर तिवारी, सहायक उपनिरीक्षक चन्द्रप्रकाश त्रिपाठी, आरक्षक बसंत खुटिया, आरक्षक तुलसी रात्रे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

➡पुलिस अधीक्षक जशपुर शशिमोहन सिंह (भा. पु.से) ने कहा कि ठगी के आरोपियों को गिरफ्तार कर लाया गया है, मुख्य आरोपी की तलाश जारी है, शीघ्र ही कार्यवाही की जायेगी। साथ ही आम जनता से अपील की , कि रुपए से संबंधित ठगी से बचने के लिए जागरूक होना अति आवश्यक है, अनावश्यक अपने खाते से संबंधित जानकारी किसी को ना दे, आवश्यक होने पर व्यक्ति के संबंध में पूरी जानकारी होने पर ही ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करे। अज्ञात व्यक्ति को ओ टी पी शेयर ना करे। साइबर जागरूकता से इस प्रकार की ठगी से बचा जा सकता है।