गणतंत्र दिवस परेड के लिए ओडिशा की झांकी को मंजूरी
सतीश शर्मा (उप संपादक)
भुवनेश्वर: 31 दिसंबर: आगामी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय परेड में ओडिशा की जीवंत झांकी कर्तव्य पथ पर नजर आएगी। एक वर्ष के अंतराल के बाद ओडिशा को गणतंत्र दिवस समारोह में अपनी झांकी के प्रदर्शन करने का मौका मिला है। केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने 26 जनवरी को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समारोह में भागीदारी के लिए ओडिशा सहित कुल 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों को स्वीकृति दे दी है।
रक्षा मंत्रालय की ओर से राज्य के मुख्य सचिव मनोज आहूजा को भेजे गए पत्र में ओडिशा की झांकी को 17 राज्यों में शामिल किए जाने की पुष्टि की गई है। यह मंजूरी ओडिशा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि गणतंत्र दिवस परेड 2025 के लिए राज्य का प्रस्ताव केंद्र की चयन समिति द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया था। उस समय ओडिशा सरकार कंधमाल के वस्त्रों और मणिबंधा साड़ियों को झांकी में प्रदर्शित करना चाहती थी।
हालांकि परेड में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद, केंद्र सरकार ने ओडिशा को भारत पर्व 2025 के दौरान नई दिल्ली में अपनी झांकी प्रदर्शित करने की अनुमति दी थी, जिससे राज्य को राष्ट्रीय मंच पर अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को उजागर करने का अवसर मिला।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड की थीम ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है। ओडिशा गणतंत्र दिवस परेड में अपनी ‘प्रज्ञापाण’ झांकी प्रस्तुत करेगा। राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, ओडिशा की झांकी में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में राज्य के योगदान को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया जाएगा। झांकी में कृषि, सतत आजीविका, कौशल विकास, स्टार्टअप्स, आधुनिक उद्योग और अत्याधुनिक तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में राज्य की प्रगति को रेखांकित किया जाएगा, जो भारत के आर्थिक परिवर्तन में ओडिशा की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। झांकी का प्रमुख आकर्षण कोरापुट की कॉफी से सिलिकॉन सेमीकंडक्टर चिप्स तक की प्रतीकात्मक यात्रा होगी, जो पारंपरिक कृषि से उच्च तकनीकी विनिर्माण की ओर राज्य के संक्रमण को दर्शाती है।
भगवान जगन्नाथ के पवित्र रथ से प्रेरित झांकी का अग्र भाग महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता पर केंद्रित होगा, जबकि मध्य भाग में कृषि उत्कृष्टता और ग्रामीण समृद्धि को दर्शाया जाएगा। झांकी के पिछले हिस्से में कोणार्क सूर्य मंदिर की प्रतिकृति प्रदर्शित की जाएगी, जो ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक होगी। यह ओडिशा की आत्मनिर्भरता की यात्रा को भी दर्शाएगी।
गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए मिली यह स्वीकृति ओडिशा को एक बार फिर देश के सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजन में अपनी सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगी।
गणतंत्र दिवस परेड में ओडिशा की ‘प्रज्ञापाण’ झांकी का शामिल होना राष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजनों में राज्य की बढ़ती पहचान को दर्शाता है। यह ओडिशा की कला और संस्कृति के संरक्षण व प्रचार के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है, जो भारत की विविध सांस्कृतिक धरोहर में महत्वपूर्ण योगदान देती है।





