कोयला खान से प्रभावित जिंदगी

कोयला खान से प्रभावित जिंदगी

अनुराग अचार्य ( संवाददाता )

तालचर - ओडिशा में अनुगुल जिला अंतर्गत आने वाले तालचर के पद्मावतीपूर पंचायत के राकश बहाल गाँव के निवासी इन दिनों डर के साये में अपना जीवन यापन कर रहे है | ग्रामीणों के डर कि वजह गाँव के बगल में स्थित कोयला खान है ,जहाँ कोयला कि खुदाई के लिए ब्लास्टिंग कि जाती है जिसका प्रभाव सीधे तौर पर इन ग्रामीणों पर पड़ता है |

 तालचर के जगन्नाथ और भरतपुर कोयला खान के समीप ही स्थित पद्मावतीपूर पंचायत के राकश बहाल गाँव के लोंगों का जीवन इन दिनों बहुत कठिनाई में बीत रहा है | स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सन २००६ में "महानदी कोल फिल्ड" ( एम् सी एल ) की तरफ से कोयला खान के लिए लोंगो का जमींन अधिग्रहण किया गया था | अपनी जमीन गवां चुके लोंगों को "एम् सी एल" कि तरफ से अभीतक जमींन अधिग्रहण सर्त के मुताबिक किसी तरह कि कोई मादद या मुआवजा नहीं मिल पाया है ,ना ही इन लोंगों को नौकरी मिली और ना ही जमीन के बदले जमींन मिली जिससे स्थानीय लोग खान प्रभावित अंचल में ही अपने पुराने घरों में रहने के लिए बिवस है |

इन घरों में रहने कि बिडम्बना यह है कि कोयला के खानों में उच्च क्षमता वाले डायनामाइट से बिस्फोट किया जाता है इस बिस्फोट कि वजह से पत्थर और कोयले के टुकड़े, मालवा आदि उड़ कर घरों और इंसानों को नुकसान पहुचता है ,कई घर तो जर्जर हो चुके है |डायनामाइट बिस्फोट करते समयं खान के कर्मचारियों द्वारा स्थानीय लोंगो को घर से बाहर निकाल दिया जाता है |

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