कुंभ में जल्दबाजी ने ले ली कई जाने
प्रयागराज में चल रहे कुंभ में मौनी अमावस्या के दिन पवित्र साही स्नान के दौरान मची भगदड़ में तकरीबन ३५ लोगों की जान चली गई।
प्राप्त सूचना के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज त्रिवेणी संगम में सबसे पहले साही स्नान में भाग लेने के इरादे से सैकडो़ लोग संगम तट पर एक दिन पहले से आकर रात्रि बिश्राम कर रहे थे।
प्रसाशन द्वारा बार बार इन लोगों से आग्रह किया जा रहा था कि संगम तट को खाली कर वहाँ से अन्यत्र चले जाएं, लेकिन लोग तट पर ही सोए रहे। प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में भी यही हुआ। लोग अग्रिम पंक्ति में पवित्र डुबकी लगाने के लिए आतुर हुए और पुलिस की बैरीकेटिंग तोड़ कर त्रिवेणी संगम की ओर दौड़ लगा दी। यूं तो मौनी अमावस्या के दिन संगम तट पर करोडो़ की भीड़ थी, उसपर एक साथ लाखो लोग नदी में डुबकी लगाने के लिए दौड़ पडे़, फल स्वरूप तट पर सोए हुए लोग कुचले गए। जिसमें तकरीबन ३५ लोगों की मृत्यु हो गई।
खबर है कि मौनी अमावस्या के दिन देश विदेश से करोडों की संख्या में लोग त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंचे थे। इस दिन नीजी और सवारी वाहनों की संख्या इतनी अधिक थी कि प्रयागराज तक पहुँचने वाले सभी मार्ग में एक दिन पहले से जाम लगना शुरू हो गया था, कई वाहन जाम में फसें रहे जिसके कारण लोग प्रयागराज तक पहुंच भी नहीं पाए।
अयोध्या की ओर से आने वाली कुंभ स्पेशल सवारी बसों से तीर्थ क्षेत्र में आनेवाले तीर्थयात्रीयों से मिली जानकारी के अनुसार उनकी बसों को भी प्रयागराज तक पहुंचने में २० से २४ घंटे लगे,जबकी साधारण दिनों में इन बसो को इतनी दूरी तय करने में ४से५ घंटे लगते है।





