कांसबहाल में ओडिशा बंद का असर
सतीश शर्मा (उप संपादक)
कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन के नौ दलों के आह्वान पर गुरुवार (8 अक्टूबर) को आयोजित 12 घंटे के ओडिशा बंद का असर कांसबहाल में भी देखने को मिला। बंद के कारण मुख्य राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन बाधित रहा। कांग्रेस की ओर से एमएमडीआर संशोधन कानून वापस लेने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित चार सूत्री मांगों को लेकर बंद का आह्वान किया गया था।
बंद के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुबह छह बजे से मुख्य राजमार्ग को जाम कर दिया। इसके कारण सड़क के दोनों ओर सैकड़ों ट्रक, बस, ऑटो तथा अन्य व्यावसायिक वाहन खड़े रहे।
हालांकि, एंबुलेंस, इलाज के लिए जा रहे मरीजों के वाहनों तथा हवाई अड्डे की ओर जाने वाले वाहनों को बंद से मुक्त रखा गया था। सड़क जाम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें पूरी करने की मांग की।
बंद के दौरान राजगांगपुर विधायक डॉ. राजेन एक्का, प्रदेश कांग्रेस सचिव इकबाल मल्लिक, वरिष्ठ नेता अरुण सामल, झगरपुर सरपंच ललित लकड़ा, केसरामाल सरपंच विनय भूषण बारला, मालेडीही सरपंच सिमनी टोप्पो, समिति सदस्य रश्मिता कुजूर, सागजोर सरपंच शुक्रा कुजूर, समिति सदस्य अमित कुजूर, बुचकुपाड़ा सरपंच फ्रांसिस मिंज सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।





