ओडिशा के विद्यार्थीयो को आँनलाइन पढाई के लिए लेना पड़ रहा है झारखंड के नेटवर्क का सहारा

ओडिशा के विद्यार्थीयो को आँनलाइन पढाई के लिए  लेना पड़ रहा है झारखंड के नेटवर्क का सहारा

रामप्रवेश चौधरी(संवाददाता)

वैश्विक महामारी कोविड़-19 के कारण लगाई गई लाॅकडाउन के कारण विद्यालय बंद होने से विद्यार्थीयो की पढाई पर बहुत ज्यादा असर पड़ा है। इस पर स्कूल प्रशासन पाठ्यक्रम को जारी रखने के लिए डिजिटल सेवा का सहारा ले रही है जिसकी सहायता से विद्यार्थीयो को आॅनलाइन क्लास करवाया जा रहा है। आनन लाइन क्लास करने  के लिए विद्यार्थीयो को अभिभावको की ओर से मोबाइल  भी उपलब्ध कराया गया पर यहाँ समस्या यह है कि मोबाइल को नेटवर्क सही नही मिल पा रहा है।  

ऐसा ही एक मामला सुंदरगढ़ जिले से कुतरा प्रखण्ड़ के रंगमती गाँव से सामने आया है। यह गाँव झारखण्ड राज्य के सिमांचल में स्थित है।
यह गाँव ओडिशा राज्य में पड़ता है, पर इस गाँव के विद्यार्थी आॅनलाइन क्लास करने के लिए अपने मोबाइल में झारखण्ड का नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे है क्योंकि इस अंचल के मोबाइल में झारखण्ड राज्य का नेटवर्क भलीभांती काम करता है।

 कोरोना महामारी के कारण लंबे समय से स्कूल बंद है,विद्यार्थीयो की सुविधा के लिए सरकार के निर्देशानुसार विद्यालय प्रशासन अपने विद्यार्थीयो को पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं, चूंकि रंगामती गांवो में मोबाइल का नेटवर्क सही नहीं मिलने के कारण वहां केे बच्चे हर दिन झारखंड की सीमा पर स्थित पहाड़ी सड़क पर अपने मोबाइल के लिए झारखंड का नेटवर्क खोजने के लिए जाते हैं,और जहां उन्हें नेटवर्क मिलताा है वहींं पढ़ाई शुरू कर देते हैं।

 दुर्भाग्य यह है कि इस गाँव के मोबाइलो में ओड़िशा का नेटवर्क नही मिल आ रहा है जबकी झारखंड बॉर्डर के करीब होने से झारखंड के नेटवर्क से काम चलाया जा रहा है। विद्यार्थीयो को गांव से पहाड़ के रास्ते झारखंड के बॉर्डर पर पढ़ाई करने जाना पड़ रहा है। मोबाइल टावर के ना रहने से उड़ीसा के बच्चों को झारखंड के नेटवर्क के सहारे पढा़ई करनी पड़ रही है।

इस गांव की शिक्षित बेटी सोनी संगीत डुंगडुंग का कहना है कि गांव में करीब 50 छात्र हैं।  लाॅकडाउन के कारण उनकी पढ़ाई पूरी तरह से बंद होते देख वह उन्हें गांव में मुफ्त में पढ़ाना शुरू कर दिया, यूट्यूब पर पाठ डाउनलोड कर बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया।अब वह रोज ओडिशा की सीमा से लगे झारखंड में बच्चों को पढ़ा रही हैं। सरकार सब कुछ विकसित कर रही है, लेकिन अगर हमें हमारी गांव के नजदीक मोबाइल टावर मुहैया हो जाता  तो हम गांव वासी राज्य सरकार का आभारी रहते।