ऑक्सीजन की पूर्ति में सेल की अहम् भूमिका

ऑक्सीजन की पूर्ति में सेल की अहम् भूमिका

जनसंपर्क कार्यालय "सेल" :

कोरोना के साथ साथ देश में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) की मांग भी बढ़ रहीं है ,कोरोना मरीजों की बढती संख्या से  अस्पतालों में आक्सीज़न की कमी होने लगी है,इस कमी को पूरा करने में सेल भी सराहनीय भूमिका निभा रही है |

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) देश में  लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) को उपलब्ध कराने की चुनौती को पूरा करने के लिए आगे बढ़कर अपनी भूमिका निभा रही है। सेल पहले ही जरूरत के अनुसार अगस्त, 2020 से 36,747 मीट्रिक टन (MT) लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति कर चुका है। देश में  लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की मांग में वृद्धि के साथ, सेल ने इस महीने की शुरुआत से ही उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना शुरू कर  दिया था। पिछले छह दिनों में, कंपनी ने अपने संयंत्रों से प्रतिदिन औसतन 660 मीट्रिक टन लिक्विड  मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की है। अकेले 21 अप्रैल, 2021 को कंपनी ने लिक्विड  मेडिकल ऑक्सीजन के 891 मिट्रिक टन की आपूर्ति की है।

लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रक्रिया और उपकरणों को बेहतर में बनाने के लिए पहले ही कदम उठाए जा चुके हैं। सेल ने  लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अपने संयंत्रों में प्रक्रिया मापदंडों के अनुकूलन के अलावा गैसीय ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और आर्गन का उत्पादन कम किया है।
“आपातकालीन जरूरत के इस समय के दौरान, सेल मजबूती से राष्ट्र के साथ खड़ा है और अपने संयंत्रों से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए हर तरह से तैैयार है।संयंत्रों को एलएमओ के उत्पादन को अधिकतम करने और ऑक्सीजन टैंकरों के टर्नअराउंड समय को कम करने पर जोर दे रहा है।

भारतीय रेल और इस्पात मंत्रालय की मदद से सेल अपने बोकारो स्टील प्लांट से एक रैक लोड करने की योजना बनाई है। यह लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन  की  बड़ी मात्रा में निकासी और निश्चित स्थान पर तेजी से पहुंचने में बहुत मदद करेगा।