डालमियां को जन सुनवाई में नही मिला लोगो का समर्थन

डालमियां को जन सुनवाई में नही मिला लोगो का समर्थन

रामप्रवेश चौधरी (संवाददाता)

सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर शहर स्थित डालमिया सीमेंट कारखाना पिछले 75 वर्षो से सीमेंट उत्पादन की क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। इन कारखानो के कुछ सामाजिक दायित्व भी होते है, जिसे पूरा करने में डालमियां सीमेंट कारखाना नाकाम साबित हो रही है। डालमियां सीमेंट राजगांगपुर में पिछले 75 वर्षो में स्थानीय लोगो के मन में जगह नही बना पाई है।यही वजह है कि चार पंचायतों में भूमी विस्तार को लेकर जनसुनवाई रखी गई थी, जो पूरी तरह विफल साबित हुई।बताते चले कि डालमिया भारत सीमेंट लिमिटेड ओडिशा की प्रथम सीमेंट कारखाना होने के बावजूद स्थानीय लोगों के मन में जगह नही बना पाई क्यो ?

डालमिय सीमेंट द्वारा बसाये गये शहर मे सुविधाओ का टोटा है,  आज भी इनके क्षेत्र में ना ही एक विद्यालय है ना ही एक अस्पताल इसी बात से आप खुद अनुमान लगा सकते है कि 75 वर्षो से स्थापित कारखाना स्थानीय लोगों को किसी तरह की सुविधा ना देकर कंपनी का विस्तार करने में लगी हैं डालमिया सीमेंट के कार्यकाल से स्थानीय लोगों को अब किसी प्रकार की  सुविधा ना मिलने से इनकी जनसुनवाई में लोगो का समर्थन नहीं मिल पा रहा है हां कुछ डालमिया  सीमेंट कारखाना से जुड़े लोगों का समर्थन देखने को मिला लेकिन स्थानीय लोगों में डालमिया सीमेंट के प्रति भारी विरोध देखने को मिल रहा है, यहां तक की पत्रकारों को भी डालमिया सीमेंट प्लांट की दलाली का आरोप लगाते हुए इस जनसुनवाई में पत्रकारों को भी भाग लेने नहीं दिया गया,  इसी बात से आप अनुमान लगा सकते है कि 75 साल पुरानी कंपनी के प्रति स्थानीय लोगो के मन में कितनी घृणा है कि कंपनी को समर्थन देने की जगह विरोध कर रहे है,  कंपनी ने अपनी सामाजिक दायित्वों को पूरा करती तो आज यह दिन नही देखना पड़ता। भारतीय संविधान के अनुसार यदि कंपनी उत्पादन का  2% स्थानीय लोगों के विकास कार्यो में खर्च की होती तो आज यह दिन देखने को नहीं मिलता। आज की जनसुनवाई में स्थानीय लोगों का भारी विरोध देखने को मिला अब देखना यह है कि इस विरोध के बाद भी सरकार की कलम किसके तरफ चलती है इसका इंतजार सभी को है।