एनआईटी राउरकेला के वैज्ञानिक को प्रतिष्ठित इंसा एसोसिएट फेलोशिप सम्मान
सतीश शर्मा (उप संपादक)
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, राउरकेला के पृथ्वी एवं वायुमंडलीय विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. भास्कर कुंडू को वर्ष 2026 के लिए भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादम द्वारा प्रतिष्ठित ‘इंसा एसोसिएट फेलो’ (IAF) के रूप में चयनित किया गया है। भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी देश में वैज्ञानिकों की सर्वोच्च संस्थाओं में शामिल है।
विशेष उल्लेखनीय यह है कि वर्ष 2026 में इंसा की सेक्शनल कमेटी द्वारा पृथ्वी एवं पर्यावरण विज्ञान क्षेत्र से चयनित होने वाले प्रो. कुंडू एकमात्र वैज्ञानिक हैं। यह उपलब्धि उनके शोध कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान को दर्शाती है।
प्रो. कुंडू को ठोस पृथ्वी भू-भौतिकी (सॉलिड अर्थ जियोफिजिक्स), विशेष रूप से काइनेमेटिक एवं डायनेमिक मॉडलिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया है। उनके शोध कार्यों ने मध्य भारत की विभिन्न भू-गतिकीय एवं भू-वैज्ञानिक प्रक्रियाओं की समझ को नई दिशा दी है। साथ ही, उनके अनुसंधानों ने भारतीय उपमहाद्वीप से जुड़े पृथ्वी प्रणाली विज्ञान एवं भू-भौतिकीय अध्ययनों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
हम्बोल्ट रिसर्च फाउंडेशन के फेलो रह चुके प्रो. कुंडू ने भू-भौतिकी में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने शैक्षणिक उत्कृष्टता, प्रभावशाली शोध प्रकाशनों तथा शिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के माध्यम से स्वयं को अग्रणी वैज्ञानिक के रूप में स्थापित किया है।
वर्ष 2024 में शुरू किए गए ‘इंसा एसोसिएट फेलो’ कार्यक्रम के तहत विज्ञान, इंजीनियरिंग, चिकित्सा एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले मध्य-कैरियर वैज्ञानिकों को सम्मानित किया जाता है। प्रत्येक वर्ष कठोर चयन प्रक्रिया के माध्यम से अधिकतम 20 वैज्ञानिकों का चयन किया जाता है।
एनआईटी के निर्देशक प्रोफेसर के. उमामहेश्वर राव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करने के साथ बधाई देते हुए कहा, “प्रो. भास्कर कुंडू का इंसा एसोसिएट फेलो 2026 के रूप में चयन संस्थान के लिए गर्व का विषय है। पृथ्वी एवं वायुमंडलीय विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान को आगे बढ़ाने तथा भू-भौतिकीय अध्ययनों में उनके महत्वपूर्ण योगदान, एनआईटी राउरकेला में स्थापित उच्च शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक मानकों को प्रतिबिंबित करते है।





