आदी धर्मावली की कार्यशाला में धर्मांतरण पर बिचार विमर्श
हरहर शम्भू कुमार चौधरी (मुख्य संपादक)
भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि "धर्म रक्षती रक्षिताः" अर्थात तुम धर्म की रक्षा करो तो धर्म तुम्हारी रक्षा करेगा।
आज ऐसा ही एक कार्यशाला नुआगाँव प्रखंड़ अंतर्गत आनेवाले चुआंबहार के पाड़हा घर में आयोजित की गई थी।
आदी धर्मावलियो का ओडिशा पाड़हा की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रक्षिक्षक राजेश लाक्रा, चामा लाक्रा, फाकडे़ टोप्पो,वसंत ओराम, छाया तिग्गा, रतिया मिंज, लक्ष्मण तिर्की, पारना टोप्पो, ने उपस्थित आतका पाड़हा,मूली पाड़हा,डांडा़ पाड़हा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारीयो को अपने धर्म की विशेषताओं को जन जन तक पहुंचाने, समाज कल्याण,समाज को सुव्यवस्थित तरीके से संजोए रखने,समाज में सामाजिक, धार्मिक, न्यायिक,संस्कृति को बचाए रखने के लिए प्रशिक्षित किया।
इस कार्यशाला में तेजी से हो रहे धर्मांतरण पर भी चर्चा की गई।प्रशिक्षको ने प्रशिक्षार्थियो को धर्मांतरण रोकने के लिए समाज में अपने धार्मिक बिशेषताओ के प्रचार प्रसार पर जोर देने और भटके हुए लोगों को (जिसने अन्य धर्म को अपना लिया है)उनके घर वापसी के लिए उचित कदम उठाने ऐसे लोगों को सम्मान पूर्वक अपने धर्म में घर वापसी कर शामिल करने का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही पदाधिकारी व कार्यकर्ताओ को धर्मांतरण रोकने और दूसरे धर्म को अपना चुके आदि धर्मावलियो की घर वापसी पर जोर देने का निर्देश दिया गया।
आज के इस प्रशिक्षण कार्यशाला में कातेपूर डांडा़ पाड़हा अंतर्गत सभी आतका पाड़हा, सागजुआरी डांडा़ पाड़हा के सभी आतका पाड़हा, सातरा डांडा़ पाड़हा के सभी आतका पाड़हा, समेत करीब 35 आतका पाड़हा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इस कार्यशाला में मुख्य रूप से पादा पाड़हा बेल मांगे एक्का, नुआगाँव प्रखंड़ के पूर्व ब्लाक प्रमुख मकलू एक्का, झीरपानी सरपंच अजीत तिर्की, सागजुआरी मूली पाड़हा देवान हरिचरन खाल्खो उपस्थित थे।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य के बिषय में जानकारी देते हुए मांगे एक्का ने कहा कि ऐसे आयोजनो का मुख्य उद्देश्य आदी धर्मावलियो की पहचान, संस्कृति, धर्म की उन्नति, और सू संगठित धार्मिक समाज का निर्माण करना है, इसके लिए आगे भी सभी पाडहाओं में इस तरह कार्यशाला का आयोजन कर आदी धर्मावलीयों को जागरूक किया जाएगा।
सभा समाप्ति की घोषणा सभा में उपस्थित लोगों ने भीखराम भगत, कार्तिक उराँव, टाना भगत की जायकारा करते हुए की।





