आत्महत्या या बलि क्या है सच

आत्महत्या या बलि क्या है सच
आत्महत्या या बलि क्या है सच

लखनलोहार (संवाददाता) 

30 वर्षीय युवक का आत्महत्या कर लेने की घटना अंचल में चर्चा का विषय बना हुआ है। 
आत्महत्या करने से एक दिन पहले रह अपने ममेरा भाई को दाँतो से काट लिया था। 
उससे पहले वह अपने मामा, व बड़े भाई को भी काटकर घायल कर दिया था,वह अपने मामा को दांतो से काट लिया था तो वही अपने बडे़ भाई को दाढ़ी बनानेेेेेेवाली पत्ती से काट दिया था। 
घरवाले इसके इस व्यवहार से तंग आकर स्थानीय थाना में इसकी शिकायत की थी।

यह घटना है बंडामुंडा़ थाना क्षेत्र में आनेवाले फूलबाडी़ बस्ती की जहाँ सुरेन बिंधाणी नामक 30 वर्षीय युवक खुद को काँच से काटकर आत्महत्या कर ली है। 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुरेन बिंधाणीं ने प्राताः चार बजे घर के बाहर स्वयं के गले को एक काँच से काटकर आत्महत्या कर ली। 

 अंचल में चर्चा है कि वह तंत्रमंत्र के चक्कर में पड़कर अपने नवजात शिशु की ही बली देने पर तुला था,उसकी पत्नी ने भाग कर उस शिशु की जान बचाई। सुरेन बिंधाणी खुन का प्यासा हो गया था या शायद अपने आराध्य को रक्त चढा़ना चाह रहा था इसी कारण सबके शरीर से खून निकालता फिरता था। 
आत्महत्या वाली रात अमावस की रात थी ।ऐसी मान्यता है कि तंत्रमंत्र करने वाले आमावस की रात अपने अराध्य की बली चढा़ते है। अंचल में इस बात की चर्चा सुनने को मिल रही है।

वही चर्चा यह भी है कि उसकी मानसिक स्थिति असमान्य होने की वजह से उसकी हरकते बदली हुई थी और मानसिक अवसाद के कारण उसने आत्महत्या कर ली। इससे पहले भी वह स्वयं का गला रेतने की कोशिश की थी।  

स्थानीय थाना प्रभारी बुलु स्वाईं स्वयं घटना स्थल पर अपनी पुलिस टीम के साथ देखे गए है। पुलिस जाँच में जुटी है। सच क्या है ? पुलिस जाँचपडताल के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। 

फिलहाल यहाँ आधी हकिकत आधा फसाना वाली कहावत चरितार्थ होती नजर आ रही है ।