गोपबंधु पाठागार में विषुव संक्रांति मनाया गया

महा विषुव सक्रांति भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग है।  गोपबंधु पुस्तकालय में उड़िया नव वर्ष और विषुव संक्रांति मनाया गया।

गोपबंधु पाठागार में विषुव संक्रांति मनाया गया

उड़िया नव वर्ष और विषुव संक्रांति राउरकेला के छेंड़ कॉलोनी, स्थित  गोपबंधु पुस्तकालय के सत्यवादी कक्ष में मनाया गया।

कार्यक्रम में राउरकेला विधायक और जिला योजना बोर्ड के अध्यक्ष शारदा प्रसाद नायक पुस्तकालय के सलाहकारों में से एक, ओडिशा साहित्य अकादमी कवि राजीव पाणि की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शामिल हुए और सभी को उड़िया नव वर्ष की बधाई दी।  छेंड़ कॉलोनी के प्रमुख में स्थित गोपबंधु पुस्तकालयों की कमी से अवगत थे और जल्द से जल्द समाधान की दिशा में काम करने का संकल्प लिया।  मुख्य वक्ता डॉ. प्रफुल्ल चंद्र महापात्र ने विषुव संक्रांति के महत्व को समझाते हुए बताया कि भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से इस दिन को मनाया जाता है, लेकिन इसके मूल में धार्मिक भावनाओं और परंपराओं को भी बताया।  कोई भी राष्ट्र विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कितना भी आगे बढ़े, धर्म पशु क्रूरता से मुक्त नहीं हो सकता, जैसा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे युद्ध हत्याओं से स्पष्ट है।

 बैठक के प्रारंभ में गोपबंधु की प्रतिमा पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर सिद्धि अकादमी ऑफ आर्ट्स, समृद्धि होता, सयानी मंडल, अपूर्व महापात्र एवं दृष्टि त्रिपाठी के कलाकारों ने पर्यवेक्षण में प्रस्तुति दी।  

अजीत मोहन पुजारी ने एक भक्ति गीत गाया।  'स्लो स्टॉपर्स डांस स्टूडियो' के कलाकारों ने गुरु दीपक के निर्देशन में एकल व सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।  इस अवसर पर पांच गणमान्य व्यक्तियों, डॉ. कृष्ण जैन, डॉ. रामचंद्र मेहर, डॉ. भागीरथी योशी, डॉ. पीसी महापात्र और डॉ. मिनाती पांडा को मुख्य अतिथि ने सम्मानित किया।  राजीव पाणि ने अतिथियों का परिचय कराया और आज के महत्व के बारे में बताया।  पुस्तकालय के महासचिव हरिहर शतपति ने स्वागत भाषण दिया जबकि अध्यक्ष नवगन साहू ने पुस्तकालय की गतिविधियों की जानकारी दी.  कोषाध्यक्ष लक्ष्मण नाथ दास ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

 गजेंद्र बारिक, सुशांत कुमार नायक, सुरेंद्र कुमार पांडा, झूलन जेना, कैलाश चंद्र सामल, विश्वनाथ जेना, बैकुंठनाथ साहू कार्यक्रम में मुख्य योगदानकर्ता थे जबकि विभूति दास, प्रताप कुमार रे, उमेश चंद्र जेना, आनंद चंद्र मोहंती, प्रतिमा महापात्रा, मंजू रानी मेहर, अर्चना देवता, जेपी सा, शोभा सा, अशोक शुक्ला, पुरुषोत्तम राउत, हरिश्चंद्र भूमिज, आनंद चंद्र सामल, गुरु चरण पटनायक, नारायण चंद्र जेना, भीमसेन साहू, डॉ महेश प्रसाद बेहरा, सत्यनारायण मिश्रा, गदाधर रथ, अच्युतानंद पटेल, डॉ. एस. प्रधान, सरोजिनी सामल, जीके रे, निरंजन दास, गीता पांडा, सूर्यमणि शतपति, दिलीप कुमार साहू, एपी उपाध्याय, देबराज साहू, राजकुमार मोहंती, सुरजीत राव डोरा, रमाकांत सदांगी, मिन चंद्र राउतराय, मानबोध सहित सैकड़ों निवासी मिश्रा, राकेश कुमार बेहरा, डॉ मोहन राव, पीके मोहंती, सरोज मोहंती आदि उपस्थित होकर इस कार्यक्रम का आनंद लिया।