श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट में क्षत्रिय प्रतिनिधित्व की मांग
धरमेंद्र कुमार सिंह (रिपोर्टर)
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधित्व की मांग जोर पकड़ने लगी है। समाज ने खुले पत्र के माध्यम से ट्रस्ट से आग्रह किया है कि प्रभु श्रीराम की परंपरा और कुल की गरिमा का सम्मान करते हुए सूर्यवंशी क्षत्रिय समाज से एक प्रतिनिधि को सदस्यता दी जाए।
क्षत्रिय समाज ने कहा है कि हाल ही में ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन से जो रिक्तता बनी है, उसे भरने के लिए क्षत्रिय समाज से जुड़ा चेहरा होना चाहिए। समाज का तर्क है कि जब स्वयं प्रभु श्रीराम सूर्यवंशी क्षत्रिय कुल में अवतरित हुए थे, तब ट्रस्ट में क्षत्रिय प्रतिनिधि की अनुपस्थिति परंपरा और आस्था दोनों के विपरीत है।
खुले पत्र में समाज ने अयोध्या के प्रख्यात विद्वान और समाजसेवी राजेश सिंह मानव का नाम सुझाया है। पत्र में कहा गया है कि मानव लंबे समय से रामजन्मभूमि आंदोलन के सांस्कृतिक, सामाजिक और वैचारिक पक्ष से जुड़े रहे हैं। वे शास्त्रों के गहन जानकार, संगठन क्षमता से सम्पन्न और धर्मनिष्ठा से परिपूर्ण हैं, जो ट्रस्ट के उद्देश्यों को और मजबूती प्रदान कर सकते हैं।
क्षत्रिय समाज ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रतिनिधित्व का मुद्दा नहीं, बल्कि परंपरा और आस्था का विषय है। यदि ट्रस्ट क्षत्रिय प्रतिनिधि को शामिल करता है तो यह श्रीराम की परंपरा और कुल की गरिमा का सम्मान होगा।
अब सबकी निगाहें ट्रस्ट के अगले निर्णय पर टिकी हैं कि क्या वह समाज की इस ऐतिहासिक मांग को स्वीकार करते है।





