राजकुमारी का झूठ आया सामने बेटे का नही हुआ था अपहरण

राजकुमारी का झूठ आया सामने बेटे का नही हुआ था अपहरण

हरहर शम्भू चौधरी (मुख्य संपादक) 

सुंदरगढ़ जिला के बंडा़मुंडा़ थाना क्षेत्र में आनेवाले तिलकानगर निवासी प्रेमलाल उर्फ मुन्ना सर की पत्नी राजकुमारी चौधरी (कशिश की मम्मी) जो थाने से लेकर जिला कलेक्टर तक के पास यह शिकायत की थी की उसके बेटे को उसका देवर अगवा कर लिया है और कही छुपा रखा है। 

इस बाबत राजकुमारी चौधरी की शिकायत पर 8 मार्च 2021 को बंडा़मुंडा़ थाने में अपराध कांड संख्या 35/2021 दर्ज की गई थी जिसमे उन्होने अपने देवर पर यह आरोप लगाया था कि उसने राजकुमारी के साथ मारपीट की उसके जितने गहने थे सब और उसके बेटे को उससे छीन कर ले गए। इस काम में देवर का साथ उनके दो भाइयों ने भी दिया जिसमें उसका पति भी शामिल था। 
राजकुमारी थाने में,बस्ती वालो के सामने, जन प्रतिनिधियों,समाज सेवियो, पुलिस के आला अधिकारीयो के सामने जा जा कर अपने देवर पर अपने बेटे को अगवा कर छुपा देने का आरोप लगा रही थी।

राजकुमारी द्वारा अपने देवर पर लगाए गए इस झूठे आरोप को सही साबित करने के लिए राजकुमारी को उसकी बड़ी बहन गोपबंधु पाली निवासी इंदु राय उर्फ इंद्रावती जो बिसरा के हिंदी प्रोजेक्ट स्कूल में अध्यापिका है, पूरी मदद कर रही थी। कभी गोपबंधु पाली की पार्षद रही इंदू राय की राजनेताओ से अच्छी पहचान है जिसका लाभ उठाकर वह पुलिस पर राजनैतिक दबाब बना रही थी कि बच्चे के अपहरण करने के आरोप में राजकुमारी के देवर को गिरफ्तार किया जाए। 

पर वक्त के साथ राजकुमारी का काला सच सामने आ ही गया। राजकुमारी का यह झूठ न्यायालय में पकड़ा गया।
राजकुमारी ने जज के समक्ष IA no. 19 Of 2021 (Arising out of Civil Proceeding No.201 of 2020 में  यह बयान दिया है कि उसकी अनुपस्थिति में उसकी जानकारी के बगैर उसका पति उसके बच्चे को जबरन ले कर भाग गया। और वह पता भी बताई जहाँ इस वक्त उसका बेटा है जो उसका पैतृक आवास है। 

राजकुमारी के विरूद्ध ठोस सबुतो के साथ उसके देवर ने डीआईजी के समक्ष यह शिकायत दर्ज कराई है कि उसपर बच्चे के अपहरण का झूठा आरोप लगाया गया था जिसकी वजह से उसे मार्च 2021 से लेकर सितम्बर 2021 तक पुलिस की पूछताछ का सामना करना पड़ा जिसकी वजह से उसे मानसिक, शारिरीक और आर्थिक कष्ट उठाना पडा़। फिलहाल पुलिस इसकी जाँच पड़ताल कर रही है। 
राजकुमारी ने अपने बेटे को मुद्दा बनाकर उसके देवर के ऊपर थाने में एक के बाद एक चार प्राथमिकी दर्ज कराई और एक बार जिलाधिकारी के पास आनलाइन शिकायत की थी। 
राजकुमारी के इस उदंडता की वजह से पुलिस पर भी कई आरोप लगे।
पूरे प्रकरण को बारिकी से देखा जाए तो एक ही बात सामने आती है कि राजकुमारी चौधरी ने जानबूझ कर सच छिपाकर अपने देवर को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए पुलिस के समक्ष गलत तथ्य प्रस्तुत किया। जिसकी वजह से पुलिस का समय तो वर्बाद हुआ ही उसपर कई आरोप भी लगे। 

अब देखना यह है कि राजकुमारी का झूठ सामने आने के बाद पुलिस उसपर क्या कार्यवाही करती है।