रक्षा उत्पादन क्षेत्र में एमएसएमई की भूमिका अहम साबित होगी
भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स, कोलकाता वर्ष 1900 में स्थापित यह संस्था आज देश के सबसे पुराने और अग्रणी वाणिज्यिक संगठनों में से एक है, जो बड़े उद्योगों से लेकर एमएसएमई, स्टार्टअप्स, निर्यातकों, आयातकों, शिक्षाविदों और व्यावसायिक संगठनों का प्रतिनिधित्व करती है। अपने बारह दशकों से अधिक के योगदान में, चैंबर ने न केवल व्यापार और उद्योग को गति दी है, बल्कि राष्ट्र के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। महामारी जैसे कठिन समय में भी यह संस्था समाज के साथ मजबूती से खड़ी रही। फिक्की, एआईओई और अंतर्राष्ट्रीय चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी संस्थाओं से जुड़ाव के माध्यम से, भारत चैंबर ने अपने सदस्यों को वैश्विक व्यापारिक मंचों से जोड़ा है। सेमिनार, कार्यशालाएं, और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के ज़रिए यह संस्था निरंतर उद्योग जगत को नई दिशा दे रही है।
देश की रक्षा आत्मनिर्भरता को सशक्त करने के उद्देश्य से, भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स ने अपने परिसर में‘ रक्षा क्षेत्र सुविधा केंद्र’ (Defence Facilitation Centre) की स्थापना की है। यह केंद्र सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए रक्षा उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के साथ-साथ जीआरएसई, आयुध कारखानों जैसे बड़े रक्षा उपक्रमों की निर्यात कड़ी में एमएसएमई को जोड़ने का कार्य करता है।
भारत चैंबर ने रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के साथ मिलकर देशभर में
रक्षा उत्पादन पर राष्ट्रीय संगोष्ठियां, प्रदर्शनी और आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए हैं —
जहां एमएसएमई को रक्षा विनिर्माण और निर्यात से जुड़ी नवीनतम नीतियों और अवसरों की जानकारी दी जाती है।
इसीक्रम में भारत चैंबर आफ कामर्स रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में और राउरकेला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से,आज मंगलवार, 11 नवंबर, 2025 को सुबह 11 बजे राउरकेला के मेफेयर होटल में 'रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता, एमएसएमई के लिए अवसर' विषय पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड इस पहल में 'लॉजिस्टिक्स पार्टनर' के रूप में शामिल हुआ।
भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के उप महानिदेशक, आनंद कुमार सिंह, आई ओ एफ एस,ने मुख्य भाषण दिया। इसके अलावा, म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड की आयुध निर्माणी बड़माल इकाई के अतिरिक्त महाप्रबंधक , राम कुमार, राउरकेला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष, मोलॉय मंडल और भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स की महासचिव सुश्री केका शर्मा ने भी सत्र को संबोधित किया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई और विनिर्माण उद्योगों को रक्षा उत्पादन की निजीकरण नीति में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है।





