युवा भारत माता विषय पर चित्र कला प्रतियोगिता का आयोजन
रामनाथ राममनोरथ इंटर कालेज,डुहवा मिश्र, हर्रैया, बस्ती में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में युवा भारत माता विषय पर चित्र कला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कुटुम्ब प्रबोधन प्रमुख डॉ विनोद कुमार शुक्ल, प्रधानाचार्य डॉ सुरेंद्र मिश्र तथा प्रधानाध्यापिका भारती शुक्ला,सत्यभामा मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा भारत माता और स्वामी विवेकानन्द के चित्र पर माल्यार्पण कर तथा पुष्प अर्पित कर कार्य क्रम का शुभारंभ किया। चित्र कला प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि डॉ विनोद कुमार शुक्ल ने कहा कि आज का दिन 14 सितंबर हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हमारी संस्कृति में माता का महत्व सर्वोपरि है। भगवान श्रीराम ने भी मातृभूमि को स्वर्ग से महान कहा है। भारत राष्ट्र मात्र भौगोलिक सीमाओं और भौतिक पदार्थों का समुच्चय नहीं है।हमारा राष्ट्र भारत जीवंत भारत माता है। लेह-लद्दाख से दक्षिण में समुद्र पर्यंत कन्याकुमारी तक और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक भारत माता की जीवंतता के विविध रंग और रूप है। भारत एक ऐसा राष्ट्र है जहां पर प्रत्येक समय गर्मी, समुद्र, पहाड़ , हिमनद, रेगिस्तान सब-कुछ उपलब्ध है। भारत माता का चित्र बनाकर छात्र छात्राओं ने अपनी राष्ट्र भक्ति को अभिव्यक्त किया है। राष्ट्र हमें देता है सब-कुछ हम भी तो कुछ देना सीखें। निर्माणों के पावन युग में हम चरित्र निर्माण न भूलें।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना विजयादशमी के दिन 1925 ई में डाक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने मोहिते के बाड़े, नागपुर में किया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना का उद्देश्य व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण कर हिन्दू समाज को संगठित करना है। हिन्दू समाज की संगठित शक्ति के द्वारा भारत माता को परम वैभव के सिंहासन पर आरूढ़ करना है। व्यक्ति के शारीरिक, बौद्धिक तथा भावनात्मक विकास के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी प्रतिदिन की नियमित एक घंटे की शाखा का संचालन करता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने धर्म समाज और राष्ट्र के प्रति गौरव का भाव जागृत करता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ योग प्राणायाम, खेल, बौद्धिक कार्यक्रम के द्वारा शारीरिक, बौद्धिक और भावनात्मक विकास कर राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करता है। हमें ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जो हमारे धर्म, समाज और भारत राष्ट्र के विरुद्ध हो। भारत राष्ट्र में सबसे अधिक युवा हैं। राष्ट्र का विकास संस्कारों से युक्त युवा करेंगे। बच्चों में कर्तव्य, पर्यावरण की सुरक्षा ,का भाव विकसित करना है।कार्यक्रम के प्रारंभ में अपने स्वागत भाषण में प्रधानाचार्य डॉ सुरेंद्र मिश्र ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति में राष्ट्रीय भावना का विकास कर सामूहिक जीवन की भावना का विकास कर रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में राष्ट्रीय भावना के साथ उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। मिशन शक्ति की ब्लाक नोडल भारती शुक्ला ने कहा कि शिक्षा के साथ राष्ट्र भक्ति का भाव विकसित होना चाहिए।भारत माता चित्र कला प्रतियोगिता में नमन को प्रथम,निशु को द्वितीय, नैंसी को तृतीय, यशस्वी गुप्ता को चतुर्थ और शिवानी यादव को पंचम स्थान प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं तथा प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।कार्यक्रम में शशि यादव, कोमल दूवे, अंकिता मिश्रा, स्वस्तिका मिश्रा, हिमांशु यादव, शशांक वर्मा ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में राष्ट्र गीत वंदे मातरम् तथा समापन राष्ट्र गान से हुआ।





