भारतीय रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष का तालचेर दौरा

भारतीय रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष का तालचेर दौरा

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ) 

भारतीय रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और कार्यकारी अधिकारी, बिनय कुमार त्रिपाठी ने कोयला संकट और एमसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के परिवहन पर चर्चा करने के लिए विभिन्न कोयला खदानों की रेलवे साइडिंग का एक दिवसीय दौरा किया।  इस मौके पर एमसीएल के सीएमडी ओपी सिंह और रेलवे के तमाम अधिकारी मौजूद थे। अध्यक्ष के इस कार्यक्रम को काफी अहम बताया जा रहा है। इस संबंध में तालचेर विधायक ब्रजकिशोर प्रधान ने छह सूत्री मांग पत्र सौंपा। जिसमे माँग की गई है कि तलचर से एफसीआई से अनुगोल तक नई रेलवे लाइन का निर्माण तत्काल पूरा किया जाए, तलचर पुरी पैसेंजर ट्रेन को कनिहा एनटीपीसी तक बढ़ाया जाए, तालचेर रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक स्टेशन अंडरपास / ओवरब्रिज में अपग्रेड किया जाए। रेलवे क्रासिंग और बन्टोल पर, साथ ही तालचेर में बिमलागढ़ रेलवे परियोजना का बहुप्रतीक्षित निर्माण, जो निर्माणाधीन है, को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।

 इस संबंध में हाँडीधुआ एवं शर्माचौक बाजार समिति ने भी अध्यक्ष को ऐसा ही एक मांग पत्र सौंपा । बजार कमिटी के अध्यक्ष सुभाष चंद्र प्रधान, संपादक दुर्गाचरण साहू, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और शिकायत की कि रेलवे अधिकारी आज लगातार 25 वर्षों से तालचेर की अनदेखी कर रहे हैं, जिसमें तालचेर में अनुगुल लूप लाइन का निर्माण भी शामिल है।
ट्रेन नंबर 20807/20808,हिराकूद सुपर फास्ट ट्रेन सप्ताह में तीन दिन के बजाय सभी दिन चले।ट्रेन नंबर 12893/12894 भुवनेश्वर इंटरसिटी सुपर फास्ट तालचेर स्टेशन होकर चले ट्रेन नंबर 08428/08427 पूरी अंगुल मेमू, ट्रेन नंबर 18452/18426, पूरी दुर्ग इंटरसिटी, ट्रेन नंबर 18125/18126 पूरी राउरकेला को रास्ते में ना रोक कर तालचेर स्टेशन में सही समय पर पहुँचाने के लिए उक्त संघ की ओर से लिखित मांग पत्र शौपा गया। 

स्थानीय बंटोल ग्राम पंचायत की सरपंच जयंतीलता देहुरी ने भी अध्यक्ष से मुलाकात की और मांग पत्र सौंपा। अपने मांगपत्र में सरपंच ने इस बात का उल्लेख किया है कि तालचेर थर्मल हाट से रेलवे लाइन के किनारे से होते हुए स्टेशन तक जानेवाली रास्ते में आलोक की ब्यवस्था की जाए, लम्बे समय से खाली पडे़ भेषजशाला को पूर्ण अस्पताल में तब्दील किया जाए, बंतोल फाटक के निकट लोगो की यातायात असुविधा को ध्यान में रखते हुए पुल के नीचे (अंडरब्रिज) से रास्ते का निर्माण किया जाए। अपने मांगपत्र में आगे उन्होने उल्लेख किया है कि बंतोल ग्रामवासी रेलवे को निस्वार्थ भाव से रेलवे को अपना योगदान देते आए है इसलिए हमारी मांगो पर बिशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि एक अंडरब्रिज को हटाया जाए, यह कहते हुए कि सैकड़ों हजारों बंटोल ग्रामीण रेलवे को हर तरह की सहायता दे रहे हैं। जबकि बंतोल पंचायत की उपेक्षा की गई और मांगों को पूरा किया गया।