बेजा शहादत और श्रद्धांजलि का यह सिलसिला कब रुकेगा
नितिन सिन्हा ( संपादक - खबरसार )
देश में शांति और खुशहाली यूं ही नहीं आती है,,इसके लिए कुछ देश भक्त जांबाजों को अक्सर अपना बलिदान देना पड़ता है।
बीते कल कि यह घटना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है।। एक तरफ केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर में शांति बहाली और विकास का लगातार दावा और प्रयास कर रही है,, तो दूसरी तरफ विघ्न सन्तोषी ताकतों ने भी इस तरह के हमलों का क्रम जारी रखा है।
हालाकि पांच जवानों की असमय शहादत ने पूरे देश की आंखे तो नम कर दी हैं,,परंतु कुछ सुलगते सवाल भी पीछे छोड़े है...
जिनमें सबसे पहला सवाल एंटलिजेंस फेलुवर का है ? क्या खुफिया तंत्र को ज्यादातर बार की तरह इस बार भी उक्त सुनियोजित हमले की पूर्व सूचना नहीं मिल पाई थी ?

दूसरा सवाल गोदी मीडिया की भूमिका से है,, जो आजकल पूरे दिन भारतीय सेना की आवश्यकताओं से ज्यादा उपलब्ध संसाधनों पर उल्टी सीधी और अप्रमाणित खबरे दिखाता रहता है,,जिसका ग्राउंड रिपोर्ट से दूर दूर तक कोई लेना देना नही होता है,गोदी मीडिया की मानें तो मोदी जी के प्रधान मंत्री बनने के बाद वर्ष 2015 से ही इतिहास में पहली बार जम्मू कश्मीर और लद्दाख रेंज में तैनात भारतीय सैनिकों और जवानों को फ्रांस और इजराइल सेना की तर्ज पर मध्यम बुलेट प्रूफ वाहन या मार्क्समैन गाड़ी की सप्लाई दी जा रही है। ये वाहन सेना/अर्धसेना की स्थिरता की सुरक्षित आवाजाही के का। आ रहे हैं। इन वाहनों पर न तो गोली लगती है और न ही बम और आग का असर होता है।

जबकि पुलवामा 2019 से लेकर पुंछ 2023 तक हमने देखा कि हमारी सेना और अर्धसेना के जवान पुराने खटारा वाहनों में आवागमन कर रहे थे।
तीसरा और अंतिम सवाल देश के रक्षा मंत्रालय और केंद्र सरकार से है .जिसे महीनो पहले से मालुम है कि श्रीनगर में आगामी महीने में *G 20 की महत्वपूर्ण बैठक होनी है,और पाकिस्तान और चीन जैसे देश इसके विरोध में इस तरह के हमले को अंजाम दे सकते है।। ऐसे में सैनिकों/जवानों के हर गतिविधियों पर पूरी सतर्कता और सुरक्षा क्यों नही बरती गई ?

आखिर इस तरह की बेजा शहादत और श्रद्धांजलि का यह सिलसिला कब रुकेगा ?
बहरहाल भारतीय सेना ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में हुए आतंकी हमले में शहीद होने वाले पांच जवानों के नाम व उनकी तस्वीरें जारी की हैं। शहीद जवानों में पांच जवान पंजाब तो एक जवान ओडिशा से हैं।
नगरोटा स्थित सेना की 16 वीं कोर के शहीद जवानों के नाम क्रमशः
हवलदार मनदीप सिंह,लांस नायक देवाशीष बिस्वाल,लांस नायक कुलवंत सिंह,सिपाही हरकिशन सिंह और सिपाही सेवक सिंह हैं। इस आतंकी हमले की जांच के लिए शुक्रवार को एन.आई.ए (NIA) की टीम भेजी गई है। जो पुलवामा की तरह इस पूरे आतंकी हमले की सिर्फ जांच करने वाली है।
इन सवालों के साथ, "पुंछ के आतंकी हमले में शहीद सभी पांच जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि।"






