प्रगति उत्कल संघ का वर्षा साहित्य सत्र

प्रगति उत्कल संघ का वर्षा साहित्य सत्र

राउरकेला शहर के अग्रणी साहित्यिक संस्थान प्रगति उत्कल संघ संगठन  ने संगठन परिसर में रैन्यासा साहित्य असर का आयोजन किया है।  उपाध्यक्ष रश्मीरंजन बोइताई की अध्यक्षता में संपादक राधामोहन नाइक और सांस्कृतिक संपादक अशोक कुमार पटनायक के समन्वय से शिक्षाविद् अंजलिप्रभा पटनायक ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होने अपने भाषण में कहा कि बारिश के आने पर धरती की शोभा बढ़ जाती है। 

सुंदर हरियाली किसान के चेहरे पर मुस्कान लाता है और धरती से जल संकट को दूर करता है।  बारिश को देखकर कवि की कलम बोल उठती है। शुरुआत में श्री पटनायक ने कार्यक्रम की जानकारी दी जबकि अध्यक्षता कर रहे श्री बोइताई ने अतिथियों का परिचय कराया और सभी का स्वागत किया।

बाद में कवि रश्मि साहू एवं कोंकलता मिश्रा के समन्वय में काव्य पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  इसमें श्री अशोक कुमार पटनायक, उपेंद्र बस्ती, अविराम प्रधान, कुंजबिहारी राउत, उर्वशी दास पति, सुशांत कुमार नाइक, त्रिलोचन स्वैन, निरुपमा पति, डॉ. रसिंधु नाइक, संजीव कुमार भोई, प्रताप पांडा, बिंता महंत, किशोरी मो करहान, शामिल हैं। बबीता महलिक, मीनकेतन पशायत, पुष्परानी पटेल, अजय कुमार मोहंती, स्मिता मिश्रा, वसंत वस्कर्मा, स्वर्णप्रभा दत्त, अतुल्य महाकुद, प्रकाश चंद्र सेठी, प्रफुल्ल सामल, ब्रजबिहारी दास और कोन्शतिका ने दो स्वर कविताएँ सुनाईं।  अन्य लोगों में, श्री प्रदीप कुमार पटनायक, घनश्याम ढाल, परीक्षित गुरु, सुनील मोहंती, अशोक कुमार महतो, सुकांत चंद्र खुंटिया, अरविंद पान, इंद्रमणि महापात्रा, रथीकांत मिश्रा, प्रसन्ना कुमार मोहंती, दिलीप कुमार महतो, वसंत कुमार नाइक उपस्थित थे। अंत में महासंपादक श्री नायक ने धन्यवाद ज्ञापित किया।