ट्रक ड्राइवर ने गैरेज कर्मचारी के साथ मिलकर रची थी 5 लाख के लोहे की हेराफेरी की साजिश, पूंजीपथरा पुलिस ने तीन आरोपियों को भेजा जेल
रायगढ़: औद्योगिक संस्थान से रायपुर भेजे जा रहे करीब 39 टन लोहे में से 5 टन लोहे के क्वायल चोरी करने के मामले में पूंजीपथरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में पुलिस ने इस सुनियोजित हेराफेरी का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया 5 टन लोहा बरामद कर लिया गया है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 5 लाख रुपये आंकी गई है। पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
यह पूरा मामला चंद्रहासिनी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड (गेरवानी) से जुड़ा है। प्लांट के सेल्स एग्जीक्यूटिव अर्पित पाण्डेय ने पूंजीपथरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 9 सितंबर 2026 को ट्रक क्रमांक CG10BS7041 में 38.900 टन लोहा लोड कर रायपुर के लिए रवाना किया गया था। दो दिन बाद जब ट्रक रायपुर पहुंचा और वहां धर्मकांटे पर वजन कराया गया, तो उसमें से करीब 5 टन माल कम निकला। वजन में गड़बड़ी पकड़े जाने के डर से वाहन चालक ट्रक को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
थाना प्रभारी रामकिंकर यादव और उप निरीक्षक दिलीप बेहरा की टीम ने जब जांच आगे बढ़ाई, तो सबसे पहले 30 अक्टूबर को ट्रक के असली चालक मुरली साहू को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। मुरली साहू ने खुद ट्रक न चलाकर अपने भाई चेतन साहू उर्फ रामजाने को अपनी ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज दे दिए थे। इस अपराध में सहयोग करने और जानबूझकर दस्तावेज उपलब्ध कराने के साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने सबसे पहले मुरली साहू को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
मुरली से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने 1 नवंबर को मुख्य साजिशकर्ता चेतन साहू उर्फ रामजाने को दबोच लिया। कड़ी पूछताछ में चेतन ने उबला कि रायगढ़ में उसकी मुलाकात अजीत पेट्रोल पंप के पास स्थित 'हरिओम गैरेज' की देखरेख करने वाले संतोष गुप्ता से हुई थी। दोनों ने मिलकर लोहे को पार करने की योजना बनाई। साजिश के तहत 9 सितंबर को चेतन साहू ने ट्रक को बाईपास रोड के एक उबड़-खाबड़ रास्ते पर ले जाकर लोहे के दो भारी-भरकम क्वायल नीचे गिरा दिए। इसके बाद संतोष गुप्ता ने तत्परता दिखाते हुए उन दोनों बंडलों को हरिओम गैरेज के भीतर छिपा दिया। दोनों आरोपी इस माल को बाजार में खपाने की फिराक में थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस उन तक पहुंच गई।
चेतन साहू के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने हरिओम गैरेज में दबिश देकर संतोष कुमार गुप्ता (25 वर्ष, निवासी रोहतास, बिहार) को हिरासत में लिया और गैरेज से 5 लाख रुपये कीमत के दो बंडल लोहे के क्वायल बरामद कर लिए। पुलिस ने संतोष गुप्ता और चेतन साहू (30 वर्ष, निवासी देवरी, रायपुर) को विधिवत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने में एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के पर्यवेक्षण में पूंजीपथरा थाना प्रभारी रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा, प्रशिक्षु एसआई क्षितिज देवांगन और आरक्षक विनोद शर्मा, हेमसागर पटेल, आदिकंद प्रधान समेत पूरी टीम की मुख्य भूमिका रही।