तेतेरकेला का प्रसिद्ध टूसू मिलन हर्षोल्लास मनाई गई
हरहर शम्भू चौधरी (मुख्य संपादक)
पूरे भारत में विभिन्न नामों और नियमों का पालन कर मनाया जाने वाला मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर पश्चिम ओडिशा के झारखंड सीमावर्ती क्षेत्र और झारखंड़ राज्य के पश्चिम सिंहभूम अंचल में टूसू माता की प्रतिमा को स्थापित कर उसकी बिधिवत पूजन की जाती है।
मकर संक्रांति के दूसरे दिन सुंदरगढ़ जिला में स्थित नुआगांव प्रखंड़ अंतर्गत आनेवाले तेतेरकेला ग्राम में टूसू मिलन का कार्यक्रम रखा गया था। इस अवसर पर स्थानीय युवक, युवतियो ने नृत्य संगीत का सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। जिन्हें टूसू पूजा कमिटी की ओर से पुरस्कृत किया गया।
तेतेरकेला गांव में मकर सक्रांति पर्व को वर्षो से उत्साह के साथ मनाया जाता है। टूसू मीलन की शुरूआत नेहरू माहतो ने सन् २००० में टूसू मिलन कार्यक्रम आयोजित कर की थी।
इस वर्ष भी इस उत्सव को धूमधाम से मनाया गया इस अवसर पर गांव के प्रसिद्ध मांदल वादक हुलास माहतो ने अपने साथियों के साथ रंगारंग सांस्कृतिक नृत्य संगीत का कार्यक्रम प्रस्तुत कर इस उत्सव में चारचांद लगा दिया। सादरी भजन गायक जगदीश बड़ईक ने देवी बंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की जिसके बाद सारी रात एक से बढ़कर एक संस्कृतिक नृत्य संगीत प्रस्तुत किया गया।

इस कार्यक्रम की प्रसिद्धि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रात भर चलने वाली कार्यक्रम का लुफ्त उठाने के लिए आसपास के गांवो के अलावा दूर दराज के क्षेत्र व पडोसी राज्य झारखंड से हजारो लोग तेतेरकेला गांव में आते है।

तेतेरकेला गांव में होने वाली टूसू मिलन उत्सव का वर्णन करते हुए अतिथि सुभाष माहतो ने कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है जिसे हम ऐसे कार्यक्रमो के माध्यम से और लोगों तक संचार करते है ऐसे उत्सव का आयोजन हमारी संस्कृति को बचाए रखने के लिए आवश्यक है।इसके लिए हम सभी को प्रयास करना चाहिए ताकि हमारी पहचान, हमारी संस्कृति बची रहे और अन्य लोग भी हमारी संस्कृति से परिचित हो सके।





