जिले में कल कारखानों से निकलने वाले प्रदुषण की स्थिति

जिले में कल कारखानों से निकलने वाले प्रदुषण की स्थिति

ओडिशा का सुंदरगढ़ ज़िला भारत के बड़े औद्योगिक केन्द्र में से एक है, जो अपने बहुत सारे कच्चे माल और औद्योगिक आधार का फ़ायदा उठाता है। सुंदरगढ़ की पहचान इसके बड़े औद्योगिक स्रोत, खासकर लौह अयस्क, चूना पत्थर और कोयले पर आधारित है, जिससे भारी और छोटे स्तर के उद्योग, खासकर लौह और स्टील क्षेत्र में, काफ़ी ज़्यादा संख्या में हैं, जैसे राउरकेला इस्पात संयंत्र (RSP), एनएसपीसीएल (NSPCL), एनटीपीसी (NTPC) दर्लीपाली, डालमिया सीमेंट और जेएसडब्ल्यू (JSW) जैसी 17 लाल श्रेणी के उद्योग में से लगभग 7 हैं, लगभग 45 स्पंज आयरन ईकाई के 4 औद्योगिक क्लस्टर अंचल जैसे कलुंगा, कुआरमुंडा, राजगांगपुर, बोनाई आदि क्षेत्र में चल रही हैं, लगभग 25 खदानें और दूसरी औद्योगिक क्षेत्रीय कार्यालय, राउरकेला के अधिकार क्षेत्र में हैं।  ओडिशा का राज्य प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड, खतरनाक और दूसरे वेस्ट (मैनेजमेंट और ट्रांसबाउंड्री मूवमेंट) रूल्स, 2016, बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 और एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के तहत बनाए और बदले गए दूसरे नियमों के तहत सहमति प्रशासन  और प्राधिकरण के ज़रिए औद्योगिक, खादान,शहरी स्थानीय निकाय, और स्वास्थ्य देखभाल ईकाईयों में अलग-अलग प्रदुषण नियंत्रण  उपायों को लागू करता है। सुंदरगढ़ ज़िले की चल रही औद्योगिक ईकाईयों ने चिमनी पर इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर और दूसरे मटीरियल ट्रांसफर पॉइंट्स पर बैग फिल्टर जैसे पार्टिकुलेट मैटर एमिशन को नियंत्रण करने के लिए ज़रूरी प्रदुषण नियंत्रण उपकरण के  स्थापित और संचालन के बारे में कड़े निरिक्षण से सत्यापित अनुपालन के आधार पर ऑपरेट करने के लिए वैलिड कंसेंट लिया है।  स्पंज औद्योगिक इकाइयों ने वास्तविक समय डेटा प्रसारण के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) / केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सर्वर से जुड़ा ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली और वास्तविक समय स्टैक उत्सर्जन को देखने के लिए इंटरनेट प्रोटोकॉल कैमरे भी स्थापित किए हैं। किसी भी समय उल्लंघन या गैर-अनुपालन के मामले में, कारण बताओ नोटिस, व्यक्तिगत सुनवाई और बंद करने के निर्देश सहित सख्त कार्रवाई डिफ़ॉल्ट करने वाली इकाइयों के खिलाफ की जा रही है। जल (पीसीपी) अधिनियम, 1974 की धारा 25/26 और वायु (पीसीपी) अधिनियम, 1981 की धारा 21 और उसके संशोधित नियमों और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत लगभग 58 कारण बताओ नोटिस, 8  सुंदरगढ़ जिले की औद्योगिक इकाई को वॉटर (प्रदूषण की रोकथाम और कंट्रोल) एक्ट, 1974 के सेक्शन 33 (A) और एयर (प्रदूषण की रोकथाम और कंट्रोल) एक्ट, 1981 के सेक्शन 31(A) के तहत निर्देश जारी किए गए हैं। हाल ही में, स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, ओडिशा ने सुंदरगढ़ जिले की 9 इंडस्ट्रियल यूनिट्स को वॉटर (PCP) एक्ट, 1974 के सेक्शन 25 और 33(A) और एयर (PCP) एक्ट, 1981 के सेक्शन 21 और 31(A) के तहत बंद करने का निर्देश जारी किया है।  केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 18(1)(बी) के तहत मेसर्स राउरकेला स्टील प्लांट, एट/पो: राउरकेला, जिला: सुंदरगढ़ को निर्देश जारी किए गए हैं। उद्योगों द्वारा गैर-अनुपालन, एसपीसी बोर्ड द्वारा की गई कार्रवाई और अनुपालन के लिए उद्योग द्वारा की गई संबंधित उपचारात्मक कार्रवाई एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है।
राउरकेला शहर में एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग के लिए 4 नेशनल एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्रोग्राम स्टेशन चल रहे हैं। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2025 के दौरान राउरकेला का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) अच्छा (1-50 की रेंज में) और संतोषजनक (51-100 की रेंज में) है। AQI को स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की वेबसाइट पर भी पब्लिश किया जा रहा है। सुंदरगढ़ जिले की इंडस्ट्रियल यूनिट्स पर स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, ओडिशा के रूटीन इंस्पेक्शन, सरप्राइज इंस्पेक्शन और ऑनलाइन रियल टाइम कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम, इंटरनेट प्रोटोकॉल कैमरा और कंसेंट एडमिनिस्ट्रेशन मैकेनिज्म के ज़रिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।