गोपबंधु पाठागार में उत्कल दिवस पालन
पूरे ओडिशा राज्य में हर वर्ष अप्रैल माह की पहली तारीख को उत्कल दिवस या ओडिशा दिवस मनाया जाता है। यह दिवश एक अप्रैल 1936 को ओडिशा एक अलग राज्य के रूप में गठन होने की याद में मनाया जाता है।
पूरे ओडिशा राज्य में हर वर्ष अप्रैल माह की पहली तारीख को उत्कल दिवस या ओडिशा दिवस मनाया जाता है। यह दिवश
एक अप्रैल 1936 को ओडिशा एक अलग राज्य के रूप में गठन होने की याद में मनाया जाता है।
1 अप्रैल, 1936 को ओडिशा राज्य का गठन भाषाई आधार पर किया गया था। इसे संयुक्त बंगाल-बिहार-उड़ीसा प्रांत से अलग किया गया था।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी उत्कल दिवस को कोविद-19 नियमो का पालन करते हुए ओडिशा में सुंदरगढ़ जिला के छेंड कालोनी ( राउरकेला ) स्थित गोपबंधु पुस्तकालय के सदस्यों द्वारा उत्कल दिवस का पालन किया गया |
उत्कल दिवस के अवसर पर गोपबंधु पाठागार के सदस्यों द्वारा सभापति नवघन साहू के नेतृत्व में पाठागार परिसर में स्थापित उत्कल मणि गोपबंधु दास के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आज के कार्यक्रम कि शुरुवात की,इसके बाद चिन्मय चौक में स्थापित गोपबंधु दास कि प्रतिमा पर माल्यार्पण किये | इसके साथ ही रिंग रोड में स्थित मधु बाबु के प्रतिमा पर, भी.एस.एस मार्किट परिसर में स्थापित वीर सुरेन्द्रसाय कि मूर्ति पर और कलिंग बिहार में स्थापित बीजू पटनायक कि मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया |
कार्यक्रम के अंत में संपादक हरिहर शतपति ने सभी का धन्यवाद किया।आज के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अवकाश प्राप्त व्याख्याता गिरिजा गोस्वामी, लक्ष्मणनाथ दास, मिहिर रॉय, सुशांत दास, सुभाष महापात्रा, शक्ति सामंतराय, हरिहर नायक, जीके रे, अनिल दास व अन्य प्रमुख सदस्यों का मुख्य योगदान रहा।





