क्रॉस वोटिंग करने वाले 3 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग

ओडिशा: कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग करने वाले 3 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की

क्रॉस वोटिंग करने वाले 3 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग

सतीश शर्मा (उप संपादक) 

ओडिशा कांग्रेस ने अपने तीन विधायकों —सोफिया फिरदौस (कटक-बाराबती), दशरथी गोमांगो (मोहना) और रमेश जेना  (सनाखेमुंडी) — के खिलाफ हालिया राज्यसभा चुनाव में पार्टी व्हिप का उल्लंघन कर क्रॉस वोटिंग करने के आरोप में अयोग्यता की कार्यवाही शुरू की है।

कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता रामचन्द्र कंड़ाम ने ओडिशा विधानसभा की अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी  को पत्र लिखकर कहा कि इन विधायकों की कार्रवाई पार्टी व्हिप का स्पष्ट उल्लंघन है और यह भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के प्रावधानों के तहत दलबदल की श्रेणी में आता है।
उन्होंने अपने पत्र में कहा कि इन विधायकों का आचरण न केवल पार्टी अनुशासन को कमजोर करता है, बल्कि उस लोकतांत्रिक जनादेश के भी खिलाफ है जिसके आधार पर वे चुने गए थे। उन्होंने आगे लिखा, “मैं विधानसभा अध्यक्ष से निवेदन करता हूं कि इस मामले का संज्ञान लेकर संबंधित सदस्यों के खिलाफ दल-बदल विरोधी कानून के तहत ओडिशा विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने की उचित कार्रवाई शुरू की जाए।”

इन तीनों विधायकों को इससे पहले ही पार्टी द्वारा निलंबित किया जा चुका है।

ये निलंबन 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में आए नाटकीय घटनाक्रम के बाद किए गए। ओडिशा में विपक्षी गठबंधन बीजू जनता दल— और कांग्रेस — चौथी सीट जीतने में असफल रहा, क्योंकि चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग हुई।इस चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय ने जीत हासिल की। उन्हें विपक्ष के कम से कम 11 विधायकों के मतों का समर्थन मिला, जिनमें छह बीजेडी विधायक, दो निलंबित बीजेडी विधायक और तीन कांग्रेस विधायक शामिल बताए गए।
कांग्रेस और बीजेडी ने भाजपा के ऊपरी सदन में प्रतिनिधित्व बढ़ाने की कोशिश को रोकने के लिए रणनीतिक गठबंधन के तहत संयुक्त उम्मीदवार के रूप में दत्तेश्वर होता को मैदान में उतारा था।
बीजेडी के लगभग 48 विधायक (निलंबित सदस्यों को छोड़कर) और कांग्रेस के 14 विधायक होने के कारण गठबंधन दो सीटें आसानी से जीतने की स्थिति में था। हालांकि क्रॉस वोटिंग के कारण उनकी यह रणनीति सफल नहीं हो सकी।