कंपनी का क्वाटर बना असामाजिक तत्वों का अड्डा
अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ)
लिंगराज कोयला खान द्वारा कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों को दिए जाने वाले आवासीय क्वाटरो में बाहरी लोगों द्वारा अधिकारियों की मिलीभगत से कब्जा कर रहने की घटना से स्थानीय निवासीयो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्योकि इन क्वाटरो में रह रहे अवैद्य लोग असामाजिक कार्यो में लिप्त है।
तालचेर के देउलबेड़ा कॉलोनी में कोयला खनिकों के क्वार्टर कुछ असामाजिक लोगों के कब्जे में पाए गए हैं। जहां वे कई वर्षों से रहते आ रहे है और विभिन्न तरह के असमाजिक कार्यो को अंजाम दे रहे है।
इन क्वाटरो में अवैध रूप से रहने वाले कई लोग क्वाटरो में दुकान चला रहे है,तो कई लोग एक से अधिक क्वाटरो में कब्जा कर उन क्वाटरों को किराए पर लगा दिया है,और किराएदारो से मोटी रकम वसूल रहे है।
इन क्वाटरो में अवैध रूप से रहने वाले लोग कंपनी की ओर से मिलने वाली पानी और बिजली सुविधाओ का भी मुफ्त लाभ ले रहे है।
इतना ही नहीं कुछ राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों ने एमसीएल क्षेत्र के भीतर जमीन पर कब्जा कर लिया है और उक्त भूमि पर बड़े-बड़े भवनों का निर्माण कर एमसीएल द्वारा उपलब्ध किए गए बिजली और पानी का मुफ्त उपयोग कर रहे हैं।
।स्थानीय निवासियो की शिकायत हैं कि अवैद्य रूप से रह रहे लोग उस जमीन पर मछली, मांस, मुर्गी पालन, भंडार गृह व अन्य तरह-तरह की दुकानें बनने से कॉलोनी निवासीयो को परेशानी हो रही है, साथ ही वहाँ का वातावरण भी लागातार प्रदूषित हो रहा है। स्थानीय लोगो द्वारा बारंबार शिकायत किए जाने के बाद भी इस ओर किसी का ध्यान नहीं देना कई प्रश्नों को जन्म दे रहा है।
इसी देवलबेड़ा कॉलोनी के धउड़ा क्षेत्र में दूसरे राज्यों से आए कुछ परिवार रह रहे हैं। इस परिवार के कुछ युवक चोरी की गोली व पिस्टल समेत ब्राउनसुगर के धंधे में लिप्त हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि पुलिस इसपर कोई कार्यवाही नही कर रही है। इसके अलावा भी कई बार ऐसी शिकायतें आती हैं कि पास में पैसे नहीं होने पर ये बड़ी चालाकी से महिलाओं के गले से सोने की चेन निकाल लेते हैं और क्वार्टर तोड़कर चोरी कर लेते हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि इसकी जांच कराई जाए तो असलियत सामने आ जाएगी।





