ऐसे मिलती है 5 स्टार रेटिंग

ऐसे मिलती है 5 स्टार रेटिंग

आज के इस डिजिटल युग में कही से भी किसी स्थान, व्यापार,उद्दोग,या कोई भी सरकारी, गैरसारी संस्थानों,कार्यो की जानकारी लेना जितना आसान हो गया है, उतनी ही आसानी से ग्राहकों को ठगा भी जा रहा है। आज ग्राहको को आकर्षित करने के लिए शोसल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग बढ़ता ही जा रहा है। आज के युग में जिनके भी हाथ में मोबाइल है उसका किसी ना किसी शोसल साइट में एकांट है जिसमें से सबसे ज्यादा फेसबुक युजर्स है। एक अनपढ़ या बहुत कम पढा़ लिखा ब्यक्ति भी फेसबुक और यू ट्यूब का उपयोग करता हुआ देखा जा सकता है।   

जिसमें ग्राहकों को लुभाने या अपनी ओर आकर्षित करने के लिए व्यापारिक संस्थाएं विज्ञापन देते रहते है और उस विज्ञापन के साथ ग्राहकों द्वारा की गई टिप्पणी जिसे फिड़बैक कहा जाता है और रेंटीग भी दिखाई जाती है जो स्टार में दिए जाते है। जितना ज्यादा स्टार उतनी अच्छी सेवाएँ की गुणवत्ता समझा जाता है। 

पर क्या आपको पता है ये स्टार मिलते कैसे है? 

दर असल कुछ ऐसे लोग है जो लोगों को फोनकर उस संस्था को रेटींग देने के लिए कहते है और संस्था के लिए अच्छी सेवाएं, अच्छी गुणवत्ता आदी टिप्पणी लिखने को कहते है जिसके लिए उन्हें कुछ पैसे दिए जाते है।

इस समय ऐसा काम कई लोग कर रहें है कुछ लोगों ने अपने नीचे कई लोगों को रखा हुआ है।आपने देखा होगा वर्क फ्राम होम का विज्ञापन। बस यही सच्चाई है, व्यापारिक संस्थाओ के सोशल मीडिया में हीरो बनने का यह ठीक वैसे है जैसे फेसबुक पर उनके भी लाखो जानने वाले होते है जिन्हें उनका पडोसी भी सही से नहीं जानता।